खबर लिखे जाने तक मेहमान टीम ने आठ ओवरों की समाप्ति तक बिना कोई विकेट खोए 66 रन बना लिए थे। उपुल थरंगा 26 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 28 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि तिलकरत्ने दिलशान ने 22 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 36 रन बनाए थे।
इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक सात विकेट के नुकसान पर 301 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 111 गेंदों पर आठ चौकोंे और दो छक्कों की मदद से 107 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपने करियर का छठा शतक लगाया।
भारतीय कप्तान ने सुरेश रैना के साथ पांचवें विकेट के लिए 126 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। रैना ने 55 गेंदों पर चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से 68 रन बनाए। धौनी ने विराट कोहली के साथ भी चौथे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी निभाई।
भारत की ओर से मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 43 और कोहली ने 54 महत्वपूर्ण योगदान दिया। तेंदुलकर ने 52 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए जबकि कोहली ने अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान 65 गेंदों पर सात चौके जड़े। तेंदुलकर और कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 62 रन जोड़े।
रवींद्र जडेजा 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। छह गेंदों पर दो चौके लगाने वाले जडेजा ने अपनी संक्षिप्त नाबाद पारी के दौरान कप्तान के साथ 3.2 ओवरों में 42 रन जोड़े। राजकोट में तूफानी शतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (4), गौतम गंभीर (2) और हरभजन सिंह (0) हालांकि सस्ते में आउट हुए। सहवाग और गंभीर 19 रनों के कुल योग पर ही पेवेलियन लौट गए थे।
श्रीलंका की ओर से अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे सूरज रांडीव ने तीन विकेट झटके जबकि चमारा वेलेगेदारा, एंजेलो मैथ्यूज और असंथा मेंडिस ने एक-एक सफलता हासिल की।
भारतीय टीम पांच मैचों की इस श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रही है। उसने राजकोट में मंगलवार को खेला गया पहला मुकाबला 3 रन से जीता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।