श्रीलंका का पांचवां विकेट चमारा कापूगेदेरा के रूप में गिरा। चमारा 28 गेंदों पर 15 रन बनाने के बाद रवींद्र जडेजा की गेंद पर बोल्ड हुए। उस समय श्रीलंका का कुल योग 204 रन था। चमारा ने थिलिना कन्डम्बी के साथ पांचवें विकेट के लिए 31 रन जोड़े।
इससे पहले, कप्तान कुमार संगकारा के रूप में दूसरा विकेट गंवाने वाली मेहमान टीम ने 169 रनों के कुल योग पर सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा और 173 रनों के कुल योग पर माहेला जयवर्धने के विकेट गंवाए थे।
संगकारा 165 रन के कुल योग पर वीरेंद्र सहवाग की गेंद पर दिनेश कार्तिक द्वारा स्टंप किए गए थे। संगकारा ने 41 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 46 रन बनाए।
श्रीलंका को पहला झटका तिलकरत्ने दिलशान के रूप में लगा था। दिलशान 18 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 41 रनों की तूफानी पारी खेलने के बाद आशीष नेहरा की गेंद पर दिनेश कार्तिक के हाथों लपके गए। दिलशान का विकेट 65 रनों के कुल योग पर गिरा।
संगकारा की विदाई के फौरन बाद जडेजा ने अपनी एक शानदार गेंद की मदद से थरंगा को क्लीन बोल्ड किया। थरंगा ने 81 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके और एक छक्का लगाया। जयवर्धने का खराब प्रदर्शन इस मैच में भी जारी रहा। वह मात्र दो रन के व्यक्तिगत योग पर हरभजन सिंह की गेंद पर सुरेश रैना के हाथों लपके गए।
खबर लिखे जाने तक मेहमान टीम ने 35 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट खोकर 205 रन बना लिए थे। कन्डम्बी 27 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 18 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि नुवान कुलसेकरा ने एक रन बनाया था।
पांच मैचों की श्रृंखला में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। भारत ने 15 दिसंबर को राजकोट में खेला गया पहला मुकाबला तीन रनों से जीता था जबकि मेहमान टीम ने नागपुर में बीते शुक्रवार को खेला गया दूसरा मुकाबला तीन विकेट से अपने नाम किया था।
भारतीय टीम इस मैच के लिए कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के बगैर ही मैदान में उतरी है। धौनी पर नागपुर एकदिवसीय मुकाबले के दौरान धीमी ओवर गति के कारण दो मैचों का प्रतिबंध लगा है। धौनी की अनुपस्थिति में सहवाग टीम की कमान संभाल रहे हैं।
उड़ीसा में स्थित एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में भारत का रिकार्ड अच्छा रहा है। भारतीय टीम ने यहां अब तक कुल 13 मैच खेले हैं, जिनमें से आठ में उसे जीत हासिल हुई है। दो मौकों पर यह मैदान तटस्थ आयोजन स्थल भी रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।