टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी मेहमान टीम ने 18 गेंदों पर 10 चौके लगाने वाले दिलशान की तूफानी पारी की मदद से शुरुआती 12 ओवरों में ही 100 रन बटोर लिए थे लेकिन बाद के ओवरों में भारतीय गेंदबाजों के अनुशासनपूर्ण प्रदर्शन के कारण उसने 44.2 ओवरों में अपने सभी विकेट गंवा दिए।
दिलशान और सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा ने पहले विकेट के लिए 6.2 ओवरों में 65 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान कुमार संगकारा और थरंगा की मदद से मेहमान टीम ने 11.5 ओवरों में 100 रनो ंका आंकड़ा पार कर लिया लेकिन आगे का खेल भारतीय गेंदबाजों के नाम रहा।
165 रन के कुल योग पर संगकारा का विकेट गिरने का बाद मेहमान बल्लेबाज पूरी तरह मैच पर अपना नियंत्रण खो बैठे। मेहमान टीम की ओर से थरंगा ने सर्वाधिक 73 रनों का योगदान दिया संगकारा ने 41 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 46 रन बनाए। थिलिना कन्डम्बी ने 22 रन बनाए।
पूर्व कप्तान और धुरंधर बल्लेबाज माहेला जयवर्धने (2), चमारा कापूगेदेरा (15), नुवान कुलसेकरा (10), सूरज रांडीव (0), लसिथ मलिंगा (13) और असंथा मेंडिस (6) रन बनाकर पेवेलियन लौटे। चनाका वेलेगेदारा दो रन बनाकर अविजित रहे।
भारत की ओर से युवा स्पिनर रवींद्र जडेजा ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके जबकि शुरुआती ओवरों में अपनी गेंदों की दिशा और लंबाई भूल चुके ईशांत शर्मा ने दूसरे स्पेल में वापसी की और दो विकेट अपने नाम किए।
दिलशान को पेवेलियन की राह दिखाकर भारत का काम आसान करने वाले आशीष नेहरा ने भी दो सफलताएं हासिल कीं। इसके अलावा कप्तान वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह को एक-एक सफलता मिली। जडेजा ने अपने 10 ओवर के कोटे में सिर्फ 32 रन खर्च किए।
पांच मैचों की श्रृंखला में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। भारत ने 15 दिसंबर को राजकोट में खेला गया पहला मुकाबला तीन रनों से जीता था जबकि मेहमान टीम ने नागपुर में बीते शुक्रवार को खेला गया दूसरा मुकाबला तीन विकेट से अपने नाम किया था।
भारतीय टीम इस मैच के लिए कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के बगैर ही मैदान में उतरी है। धौनी पर नागपुर एकदिवसीय मुकाबले के दौरान धीमी ओवर गति के कारण दो मैचों का प्रतिबंध लगा है। धौनी की अनुपस्थिति में सहवाग टीम की कमान संभाल रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।