अभ्यास सत्र के साथ-साथ मैच के दिन भी खिलाड़ियों को लाने वाली बसें स्टेडियम के मुख्य द्वारा पर नहीं रुकेंगी बल्कि सीधे ड्रेसिंग रूम क्षेत्र का रुख करेंगी। इससे पहले खिलाड़ी मुख्य द्वार पर बस से उतरकर पैदल चलकर ड्रेसिंग रूम तक जाया करते थे।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "खिलाड़ियों को लाने वाली बसें सीधे ड्रेसिंग रूम क्षेत्र तक जाएंगी। हमने बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) से कहा है कि वह खिलाड़ियों की बसों को अंदर तक जाने देने के लिए स्टेडियम की बाहरी दीवार का एक हिस्सा गिराकर रास्ता बना दे।"
ड्रेसिंग रूम से लेकर स्टेडियम के सभी कोनों पर तथा टीम होटल और खिलाड़ियों के आने-जाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले मार्गो पर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा था कि कुछ फिदायीन हमलावर प्रमुख स्थानों पर हमले की मंशा के साथ कोलकाता शहर में प्रवेश कर चुके हैं। पिछले वर्ष पाकिस्तान में श्रीलंकाई टीम पर हुए आतंकवादी हमले के बाद स्थानीय पुलिस किसी प्रकार का खतरा नहीं मोल लेना चाहती। उस हमले में श्रीलंकाई टीम के कई खिलाड़ी जख्मी हुए थे।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से दक्षिणी कोलकाता में स्थित टीम होटल तक जाने वाली सड़क पर जबरदस्त सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। जिस वक्त टीमों की बसें इन सड़कों से गुजरेंगी, उस वक्त भारी संख्या में पुलिसकर्मी सड़कों को दोनों ओर तैनात होंगे।
टीम बसों पर कमांडो जवानों की तैनाती की गई है जबकि जमीन पर दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस सुरक्षा प्रणाली में सहायक उपायुक्त स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।