316 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम के कप्तान 10 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 10 रन बनाकर आउट हुए। खबर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने तीन ओवरों में एक विकेट खोकर 19 रन बना लिए थे। सचिन तेंदुलकर चार रन बनाकर खेल रहे थे जबकि गौतम गंभीर ने खाता नहीं खोला था।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी मेहमान टीम ने सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा के करियर के सातवें शतक की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट खोकर 315 रन बनाए।
पारी की शुरुआत से ही काफी संतुलित अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थरंगा 128 गेंदों पर 14 चौकों और दो छक्कों की मदद से 118 रन बनाकर आउट हुए जबकि कप्तान कुमार संगकारा ने 60 रनों का योगदान दिया।
संगकारा ने 72 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। थरंगा और कप्तान के बीच तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की बेशकीमती साझेदारी हुई। हरभजन सिंह ने दिनेश कार्तिक के हाथों संगकारा को स्टंप कराकर इस जोड़ी को तोड़ा।
इसके बाद थरंगा और पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 36 रन जोड़े। इसी दौरान थरंगा जयवर्धने का साथ छोड़ गए। थरंगा ने अपने करियर का सातवां एकदिवसीय शतक लगाया।
थरंगा की विदाई के बाद जयवर्धने ने थिसारा परेरा (31) के साथ तेजी से रन बटोरने का क्रम जारी रखा। परेरा ने अपनी 14 गेदों की तूफानी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। जयवर्धने 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 33 रन बनाकर आउट हुए।
अंत में थिलिना कन्डम्बी 23 और थिलन समरवीरा 13 रन बनाकर नाबाद लौटे और श्रीलंका भारत के सामने एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में सफल रहा। इस श्रृंखला में अब तक दो शतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज दिलशान (9) और सनथ जयसूर्या (15) को छोड़कर श्रीलंका के सभी बल्लेबाजों ने अपनी टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया।
भारत की ओर से जहीर खान और आशीष नेहरा ने दो-दो विकेट हासिल किए। हरभजन को एक सफलता मिली। श्रीलंकाई पारी के आखिरी ओवर में एक फ्लडलाइट खंभे में तकनीकी खराबी के मैदान के एक कोने में अंधेरा छा गया था। इस कारण खेल लगभग 15 मिनट तक रुका रहा। 2008 में यहां खेले गए इंडियन प्रीयिमर लीग मुकाबले के दौरान भी इस तरह की समस्या आई थी।
पांच मैचों की इस श्रृंखला में भारतीय टीम 2-1 से आगे चल रही है। भारत 15 दिसंबर को राजकोट में खेला गया पहला मुकाबला तीन रनों से जीता था जबकि मेहमान टीम ने नागपुर में खेला गया दूसरा मुकाबला तीन विकेट से अपने नाम किया था। कटक में खेला गया तीसरा मुकाबला भारत ने जीता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।