खबर लिखे जाने तक मेजबान टीम ने 40 ओवरों की समाप्ति तक पांच विकेट खोकर 208 रन बना लिए थे। रकीबुल हसन 22 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि महमुदुल्लाह ने खाता नहीं खोला था। 22 रन अतिरिक्त के तौर पर मेजबान टीम के खाते में जुड़े हैं।
मेजबान टीम को पांचवां झटका मुश्फिकुर रहीम (6) के रूप में लगा जबकि चौथे विकेट के तौर पर सलामी बल्लेबाज इमरुल कायेस पेवेलियन लौटे। कायेस ने 100 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और एक छक्का लगाया।
तीसरे विकेट के तौर पर कप्तान सकीबुल हसन आउट हुए थे। वह खाता खोले बगैर 156 रन के कुल योग पर जहीर खान द्वारा रन आउट किए गए। इससे ठीक पहले 148 रन के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने अशरफुल को बोल्ड किया था। अशरफुल ने 48 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 29 रन बनाए।
मेजबान टीम ने सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल के रूप में अपना पहला विकेट गंवाया था। तमीम 60 रनों की तूफानी पारी खेलने के बाद शांताकुमारन श्रीसंत की गेंद पर गौतम गंभीर के हाथों लपके गए थे। 33 गेंदों पर अर्धशतक पूरा करने वाले तमीम ने 42 गेंदों की पारी के दौरान 10 चौके और एक छक्का जड़ा। तमीम का विकेट 80 रन के कुल योग पर गिरा।
इस श्रृंखला में दोनों टीमें एक-एक मैच गंवा चुकी हैं। चार जनवरी को खेले गए पहले मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को पराजित किया था जबकि पांच जनवरी को खेले गए दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम भी श्रीलंका के हाथों पांच विकेट से हार गई थी।
बांग्लादेश के हाथों हार जाने की सूरत में भारतीय टीम की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की टीमों की तालिका में पहले स्थान पर पहुंचने का सपना फिलहाल पूरा नहीं हो सकेगा। इस संभावना को बनाए रखने के लिए उसे इस श्रृंखला के बाकी सभी मैच जीतने होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।