इसी के साथ पिछले चार दिनों से चले आ रहे तनावभरे घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया। हॉकी इंडिया (एचआई) ने मंगलवार को हुई बैठक के नाकाम रहने के बाद खिलाड़ियों को शिविर में लौटने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। एचआई ने कहा था कि शिविर में नहीं लौटने की सूरत में खिलाड़ियों को निलंबित कर जूनियर खिलाड़ियों की नई टीम का गठन किया जाएगा।
इस मामले में बुधवार को उस समय नाटकीय परिवर्तन हुआ, जब गोलकीपर वी. रघुनाथ के नेतृत्व में जूनियर टीम के सभी खिलाड़ी वरिष्ठ साथियों के समर्थन में खड़े हो गए।
पूरे मामले पर चिंता जाहिर करने वाले कलमाडी बुधवार सुबह पुणे में बालेवाडी स्पोर्ट्स काम्पलेक्स पहुंचे और खिलाड़ियों को भुगतान का आश्वासन दिया। साथ ही कलमाडी ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को अलग से विशेष सहायता राशि दी जाएगी। इसमें प्रायोजक सहारा इंडिया द्वारा जारी किए गए एक करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
मीडिया के माध्यम से कलमाडी ने खिलाड़ियों से कहा कि उनकी सभी मांगे पूरी की जाएंगी। बकौल कलमाडी, "हम हॉकी को राष्ट्रीय खेल बनाए रखना चाहते हैं। इसे हम किसी प्रकार की शर्मिदगी से नहीं जोड़ना चाहते। मैंने खिलाड़ियों की सभी मांगे मानने की बात स्वीकार की है। मैं इस मसले पर खिलाड़ियों के साथ हूं।"
कलमाडी ने कहा कि खिलाड़ियों की कुछ मांगें तुरंत मानी जा सकती हैं लेकिन कुछ दीर्घकालिक मांगों को लेकर खेल मंत्रालय और हॉकी इंडिया से बात की जाएगी। इसमें हॉकी खिलाड़ियों के लिए ग्रेडेड पेमेंट प्रणाली शुरू करना प्रमुख है।
भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी दीपक ठाकुर ने कहा, "कलमाडी के कहने पर हम गुरुवार से अभ्यास के लिए लौट रहे हैं। हम देश के लिए खेलना चाहते हैं लेकिन साथ ही हम यह भी चाहते हैं कि हमारा भविष्य सुरक्षित रहे।"
कलमाडी ने कहा कि खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए 'हॉकी खिलाड़ी कोष' का गठन किया जाएगा। इसके अध्यक्ष एचआई अध्यक्ष होंगे और इसकी समिति में पांच से छह खिलाड़ी शामिल होंगे। पूर्व कप्तान धनराज पिल्लै इस समिति में खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व करेंगे। हमेशा से खिलाड़ियों के हितों के लिए लड़ने वाले पिल्लै ने हॉकी संकट खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस बीच, टीम के मुख्य प्रायोजक सहारा इंडिया ने खिलाड़ियों के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। सहारा इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि उसने एक करोड़ रुपये की राशि सिर्फ और सिर्फ खिलाड़ियों के बीच वितरित करने के लिए जारी की है।
सहारा इंडिया की ओर से जारी बयान में कारपोरेट कम्युनिकेशन के प्रमुख अभिजीत सरकार ने कहा, "राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सहारा इंडिया परिवार ने खिलाड़ियों में वितरित करने के लिए तत्काल एचआई को एक करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। हम चाहते हैं कि खिलाड़ी विश्व कप की तैयारियों में जुट जाएं और देश के सम्मान के लिए खेलें।"
सरकार ने कहा कि सहारा इंडिया ने दिसंबर में एचआई को करार के तहत 15 जनवरी से 14 अप्रैल की अवधि के लिए निर्धारित प्रायोजन संबंधी 77 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान दिसंबर में ही कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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