तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक कर्नाटक की टीम ने तीन विकेट के नुकसान पर 135 रन बना लिए थे। पांडेय 71 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 59 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि सतीश 125 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 40 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। मेजबान टीम को जीत के लिए 203 रनों की जरूरत है जबकि उसके पास सात विकेट सुरक्षित हैं। मैच में पूरे दो दिनों का खेल शेष है।
कर्नाटक की टीम ने 46 रन के कुल योग पर ही अपने तीन विकेट गंवा दिए थे। कर्नाटक ने सलामी बल्लेबाज केबी पवन (23), मुरलीधरन गौतम (0) और कप्तान रॉबिन उथप्पा (0) के विकेट गंवाए हैं। तीनों विकेट अजीत आगरकर के खाते में आए हैं।
इससे पहले, मैच के तीसरे दिन बुधवार को भोजनकाल के बाद मुंबई की दूसरी पारी 234 रनोंे पर सिमट गई। पहली पारी के आधार पर मिली 103 रनों की बढ़त को मिलाने से उसकी कुल बढ़त 337 रनों की हो गई। मुंबई ने पहली पारी में 233 रन बनाए थे जबकि कर्नाटक की टीम अपनी पहली पारी में 130 रन ही बना सकी थी।
दूसरे दिन 51 रन के कुल योग पर अपने पांच प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवाने वाली मुंबई की टीम अभिषेक नायर, धवल कुलकर्णी और रोमेश पोवार की संयमपूर्ण बल्लेबाजी के कारण 337 रनों की बढ़त हासिल करने में सफल रही। दूसरे दिन की समाप्ति तक मुंबई ने पांच विकेट के नुकसान पर 108 रन बनाए थे।
नायर 50 रन बनाकर आउट हुए जबकि धवल ने 181 गेंदों पर 17 चौकों की मदद से 87 रनों की नायाब पारी खेली। नायर ने अपनी 139 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए। इसके अलावा पोवार 85 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 28 रन बनाकर नाबाद लौटे। दूसरे दिन नायर 32 और धवल 35 रन पर नाबाद लौटे थे।
कर्नाटक की ओर से तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन ने सर्वाधिक छह विकेट झटके जबकि आर. विनय कुमार को तीन तथा सुनील जोशी को एकसफलता मिली है। मिथुन ने पहली पारी में भी तीन विकेट हासिल किए थे। विनय को पहली पारी में चार विकेट मिले थे।
इससे पहले, मुंबई के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक की पहली पारी 130 रनों पर समेट दी थी। कर्नाटक की टीम 49.3 ओवरों तक ही बल्लेबाजी कर सकी थी। मुंबई की ओर से आविष्कार साल्वी ने सर्वाधिक पांच विकेट झटके थे जबकि धवल को दो और अगरकर तथा अभिषेक को एक-एक सफलता मिली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।