भारतीय टीम को पहली पारी की तुलना में एक रन की बढ़त मिली थी। खबर लिखे जाने तक उनसे एक विकेट खोकर 92 रन बना लिए थे। गौतम गंभीर 51 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 41 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि अमित मिश्रा ने खाता नहीं खोला था। इस तरह भारतीय टीम की कुल बढ़त 93 रनों की हो गई है।
भारतीय टीम ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (105 नाबाद) के करियर के 44वें टेस्ट शतक की बदौलत अपनी पहली पारी में 243 रन बनाए थे जबकि मेजबान टीम की पहली पारी मैच के तीसरे दिन 242 रनों पर सिमट गई। पहली पारी में सहवाग ने भी 52 रनों का योगदान दिया था।
इससे पहले, बांग्लादेश को दूसरे दिन के स्कोर तीन विकेट पर 59 रनों से आगे खेलते हुए तीसरे दिन पहला झटका मोहम्मद अशरफुल के रूप में लगा। वह दो रनों के निजी स्कोर पर ईशांत शर्मा का शिकार बने। अशरफुल के आउट होने के बाद कप्तान सकीबुल भी जहीर खान की गेंद पर चकमा खा गए और 17 रनों के निजी स्कोर पर सहवाग को कैच थमा बैठे।
इन दोनों खिलाड़ियों के आउट होने के बाद रकीबुल भी कुछ खास नहीं कर सके। उन्हें शांताकुमारन श्रीसंत ने 17 रनों के निजी स्कोर पर चलता किया। भोजनकाल के बाद महमुदुल्ला और मुश्फिकुर ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। महमुदुल्ला और मुश्फिकुर ने बांग्लादेशी पारी को संभला।
दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 108 रनों की साझेदारी हुई। महमुदुल्ला ने 69 और मुश्फिकुर ने 44 रन बनाए। भारत की ओर से जहीर खान और अमित मिश्रा ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि ईशांत शर्मा और श्रीसंत ने दो-दो विकेट चटकाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।