मोदी के साथ-साथ मुंबई स्थित फ्रेंचाइजी टीमों के मलिकों ने कड़े शब्दों में कहा कि पाकिस्तान इस मामलो को तूल दे रहा है और पाकिस्तान के किसी खिलाड़ी की बोली नहीं लगने को लेकर फ्रेंचाइजी टीमें किसी को भी सफाई देने को बाध्य नहीं हैं।
इस मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक रिश्ते पहले से अधिक खराब हो गए हैं। पाकिस्तान ने भारत सरकार पर षड़यंत्र के माध्यम से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से दूर रखने का आरोप लगाया है जबकि भारत सरकार ने कड़े शब्दों में इन आरोपों का खंडन किया है।
मोदी ने कहा, "जैसा कि मीडिया में खबर आई है, पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ किसी प्रकार का षड़यंत्र नहीं हुआ है। कई मौकों पर मीडिया पक्षपातपूर्ण खबरें प्रसारित करता है। वैसे हम किसी के प्रति जवाबदेह नहीं हैं, इसके बावजूद मैं पाकिस्तान के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे इस मामले को लेकर परिपक्वता दिखाएं।"
शिल्पा ने भी इस मामले में मोदी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "हम किसी को सफाई देने के लिए बाध्य नहीं हैं। मौजूदा हालात के हिसाब से फ्रेंचाइजी टीमों ने युक्तिसंगत फैसला लिया है और इसके पीछे के कारणों को भी समझा जा सकता है। हम चाहते हैं कि लोग और मीडिया इस मुद्दे को तर्कसंगत ढंग से लें।"
शिल्पा ने कहा कि फ्रेंचाइजी टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय सुरक्षा मुहैया कराने की स्थिति में नहीं थीं और यही कारण है कि उनके लिए बोली नहीं लगाने का फैसला किया गया।
शिल्पा ने कहा, "हम चाहते थे कि पाकिस्तानी खिलाड़ी तीसरे संस्करण में हिस्सा लें लेकिन उनके भारत आने के कारण सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ जाती। हम इस मुद्दे को लेकर गंभीर थे और यही कारण है कि किसी तरह का जोखिम नहीं लेते हुए हमने उनके लिए बोली नहीं लगाने का फैसला किया।"
शिल्पा और मोदी के अलावा किंग्स इलेवन पंजाब की सहमालिक और अभिनेत्री प्रीटी जिंटा ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुद्दे को सनसनीखेज बना दिया है। बकौल प्रीटी, "पाकिस्तान ने इस मुद्दे को बिना मतलब के तूल दिया है। मैं अपने देशवासियों से आग्रह करती हूं कि वे इस मामले को लेकर तर्कसंगत ढंग से बर्ताव करें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।