समिति ने दोनों अधिकारियों से पूछा है कि जब वह इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि नीलामी के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों की 'तौहीन' नहीं होगी, तब उन्होंने खिलाड़ियों को इस नीलामी के लिए पंजीकरण कराने की छूट क्यों दी।
नेशनल एसेंबली की खेलों से जुड़ी स्थाई समिति ने इस मामले में बट्ट और बारी को तीन फरवरी को सफाई पेश करने का आदेश दिया है। आईपीएल नीलामी में पाकिस्तान के 11 खिलाड़ी शामिल हुए थे लेकिन आठ फ्रेंचाइजी टीमों में से किसी ने भी किसी एक खिलाड़ी के लिए भी बोली नहीं लगाई।
इसे लेकर पाकिस्तान ने भारत सरकार पर षड़यंत्र के माध्यम से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से दूर रखने का आरोप लगाया है जबकि भारत सरकार ने कड़े शब्दों में इन आरोपों का खंडन किया है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते पहले से अधिक खराब हो गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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