तेंदुलकर ने दो मैचों की तीन पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए जहां 132.00 के औसत से कुल 264 रन बटोरे वहीं जहीर ने दो मैचों में 19.53 के औसत से कुल 15 विकेट चटकाए।
जहीर ने मीरपुर में खेले गए दूसरे मैच में कुल 10 विकेट अपनी झोली में डाले। चटगांव में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी उन्होंने पांच विकेट लिए थे। इस शानदार प्रदर्शन के लिए जहीर को 'मैन ऑफ द मैच' और 'मैन ऑफ द सीरीज' खिताब से नवाजा गया।
तेंदुलकर ने इस श्रृंखला में सर्वाधिक दो शतक लगाए। चटगांव टेस्ट की पहली पारी में वह 105 रन बनाकर नाबाद रहे थे जबकि मीरपुर में उनके बल्ले से 143 रन निकले। तेंदुलकर ने बांग्लादेश में अपना 44वां और 45वां टेस्ट शतक पूरा किया।
बल्लेबाजों की सूची में बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल दूसरे स्थान पर रहे। तमीम ने मीरपुर टेस्ट की दूसरी पारी में बनाए गए शानदार 151 रनों की बदौलत दो मैचों की चार पारियों में कुल 234 रन बटोरे। उन्होंने एक अर्धशतक भी लगाया।
इस क्रम में भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (207 रन, एक शतक, एक अर्धशतक), बांग्लादेश के महमुदुल्लाह (185 रन, दो अर्धशतक), बांग्लादेश के मुश्फिकुर रहीम (185 रन, एक अर्धशतक), भारत के वीरेंद्र सहवाग (153 रन, दो अर्धशतक) तथा भारत के राहुल द्रविड़ (139 रन, एक शतक) शामिल हैं।
गेंदबाजों की सूची में जहीर के बाद भारत के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा हैं, जिन्होंने कुल नौ विकेट चटकाए। इसके अलावा बांग्लादेश के कप्तान सकीबुल हसन भी नौ विकेटों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
एक मैच खेलने वाले भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा सात विकेटों के साथ बांग्लादेश के खिलाड़ी शहादत हुसैन के साथ तीसरे क्रम पर हैं। मीरपुर टेस्ट में मिश्रा की जगह लेने वाले प्रज्ञान ओझा ने चार विकेट चटकाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।