मैच के बाद अपनी गलती स्वीकार करने वाले अफरीदी ने 'जियो टीवी' से बातचीत के दौरान कहा, "सभी टीमें बॉल टेंपरिंग करती हैं। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। यह बस हो गया। मैं मैच जीतने के लिए गेंदबाजों की मदद करने का प्रयास कर रहा था। हम कम से कम एक मैच जीतना चाहते थे। मैं पहला खिलाड़ी नहीं जिसने ऐसा किया है। तमाम टीमों के खिलाड़ी ऐसा करते हैं। हां, मेरा तरीका गलत था।"
अफरीदी को गेंदबाजी कर रहे मोहम्मद आसिफ के पास जाते हुए गेंद को मुंह में डालकर दांत से दबाते देखा गया था। टेलीविजन वीडियो से साफ हुआ कि मोहम्मद यूसुफ की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाल रहे अफरीदी जानबूझकर ऐसा कर रहे थे। इसके बावजूद वह अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके। पाकिस्तानी टीम पर्थ मुकाबला दो विकेट से गंवाने के साथ पांच मैचों की श्रंखला 0-5 से हार गई।
यह पहला मौका नहीं है, जब अफरीदी को बाल टेंपरिंग का दोषी पाया गया है। वर्ष 2005 में एजबेस्टन में इंग्लैंड के साथ खेले गए टेस्ट मैच के दौरान अफरीदी को गेंद को अपने स्पाइक (कील लगे जूते) से रगड़ते हुए पाया गया था। उस मैच के बाद अफरीदी पर भारी जुर्माना और एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था।
अफरीदी की इस हरकत के लिए पूरी पाकिस्तानी टीम को शर्मिदगी उठानी पड़ी है। कोच इंतिखाब आलम ने कहा कि यह शर्मनाक बात है। आलम ने कहा, "यह अस्वीकार्य है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। मुझे इसका बहुत अफसोस है। सबसे दुख की बात यह है कि कप्तानी करते वक्त अफरीदी इस काम के लिए दोषी पाए गए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।