मैच के चौथे दिन शुक्रवार को सलामी बल्लेबाज चिराग पाठक के शानदार शतक और कप्तान वसीम जाफर के अर्धशतक की बदौलत पश्चिम क्षेत्र की टीम ने अपनी स्थिति संतोषजनक कर ली थी लेकिन जल्दी-जल्दी तीन विकेट गिरने के कारण वह मुश्किल में नजर आने लगी है।
मैच के तीसरे दिन गुरुवार का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट गंवाए 50 रन बनाने वाली पश्चिम क्षेत्र की टीम को पहला झटका 117 रन के कुल योग पर लगा। तीसरे दिन आठ रन पर नाबाद लौटने वाले सलामी बल्लेबाज हर्षद खादीवाले 97 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 45 रन बनाकर पेवेलियन लौटे।
इसके बाद चिराग और जाफर कुल योग को 224 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर चिराग 130 रन बनाकर आउट हो गए। चिराग ने अपनी 168 गेंदों की पारी में 16 चौके और तीन छक्के लगाए। पश्चिम की टीम ने 229 के कुल योग पर भाविक ठाकर (0) और 263 के कुल योग पर जाफर (66) का विकेट गंवा दिया। जाफर ने अपनी 138 गेंदों की पारी के दौरान छह चौके लगाए।
खबर लिखे जाने तक पश्चिम क्षेत्र की टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 268 रन बना लिए थे। पहली पारी में शतक लगाकर टीम का संकट हरने वाले यूसुफ पठान 21 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 20 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि रवींद्र जडेजा ने खाता नहीं खोला था।
इससे पहले, गुरुवार को दक्षिण क्षेत्र ने कप्तान दिनेश कार्तिक (150) और मुरलीधरन गौतम (88) की सधी हुई पारियों की बदौलत अपनी दूसरी पारी नौ विकेट पर 386 रन पर घोषित कर दी थी। पहली पारी के आधार पर उसे 149 रनों की बढ़त मिली थी। इस तरह उसकी कुल बढ़त 535 रनों की हो गई।
दक्षिण क्षेत्र ने कार्तिक की 183 रनों की शानदार कप्तानी पारी की मदद से अपनी पहली पारी में 400 रन बनाए थे जबकि पश्चिम क्षेत्र की टीम चंद्रशेखर गणपति (75/5) की शानदार गेंदबाजी के कारण अपनी पहली पारी में 251 रन ही बना सकी थी। इसमें यूसुफ पठान (108) का शतक भी शामिल है।
दक्षिण अफ्रीका के साथ खेली जाने वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे कार्तिक ने चयनकर्ताओं के करारा जवाब देते हुए पहली पारी में 226 गेंदों का सामना करते हुए 25 चौके और एक छक्का लगाया था जबकि दूसरी में 150 रन बनाने के लिए उन्होंने 162 गेंदों पर 22 चौके लगाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।