खबर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 191 रन बना लिए थे। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 14 रन बनाकर इस संघर्ष में तेंदुलकर का साथ दे रहे थे। पारी की हार बचाने के लिए उसे अभी भी 133 रन बनाने की जरूरत है।
भारतीय टीम ने चौथे दिन के पहले सत्र में मुरली विजय (32) और एस. बद्रीनाथ (6) के विकेट गंवाए। मुरली स्पिन गेंदबाज पॉल हैरिस का शिकार हुए। मुरली ने 90 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। मुरली का विकेट 96 रन के कुल योग पर गिरा। 122 रन के कुल योग पर बद्रीनाथ भी पेवेलियन लौट गए।
अपने पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में शानदार अर्धशतक लगाने वाले बद्रीनाथ को वायने पार्नेल ने मार्क बाउचर के हाथों कैच कराया। इसके बाद तेंदुलकर और धौनी ने टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया। दोनों के बीच 40 रनों की नाबाद साझेदारी हो चुकी है।
फालोऑन खेल रही भारतीय टीम ने तीसरे दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 66 रन बनाए थे। दिन की समाप्ति तक मुरली 68 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 27 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि तेंदुलकर ने 48 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 15 रन बनाए थे।
भारत ने तीसरे दिन सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (16) और गौतम गंभीर (1) के विकेट गंवाए थे। पहली पारी में शतक लगाने वाले सहवाग 24 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। उन्होंने अपनी 19 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए थे।
सहवाग ने पहली पारी में 109 रन बनाकर भारतीय टीम को संकट से निकालने का प्रयास किया था। गंभीर एक रन बनाकर मोर्न मोर्कल की गेंद पर बोल्ड होकर पेवेलियन लौटे। उस समय टीम का कुल योग एक रन था।
इससे पहले, तेज गेंदबाज डेल स्टेन (51/7) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने भारत की पहली पारी 233 रनों पर समेट दी थी। सहवाग (109) के करियर के 18वें शतक और बद्रीनाथ (56) के अर्धशतक के बावजूद भारतीय टीम फॉलोऑन नहीं बचा सकी।
दक्षिण अफ्रीका ने हाशिम अमला (नाबाद 253) के करियर के पहले दोहरे शतक की बदौलत विशाल स्कोर खड़ा किया। दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए जैक्स कैलिस ने भी 173 रनों की शानदार पारी खेली। कैलिस ने अपने करियर का 34वां शतक लगाते हुए सुनील गावस्कर की बराबरी की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।