नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। ग्वालियर के कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 147 गेंदों पर 200 रनों की नाबाद पारी खेलकर इतिहास रचने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में दोहरा शतक लगाने वाले एकमात्र या पहले खिलाड़ी नहीं हैं।
तेंदुलकर ने बुधवार को 200 रन बनाए थे लेकिन 1997 में आस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम की धुरंधर बल्लेबाज बेलिंडा क्लार्क ने मुंबई में डेनमार्क के खिलाफ 229 रनों की नाबाद पारी खेली थी। क्लार्क ने अपनी 155 गेंदों की पारी में 22 चौके लगाए थे। इस मैच को भी अंतर्राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त है।
इस लिहाज से तेंदुलकर को एकदिवसीय मैचों में दोहरा शतक लगाने वाले पहला पुरुष क्रिकेट खिलाड़ी या फिर एकमात्र भारतीय खिलाड़ी कहा जा सकता है। इससे तेंदुलकर की इस महान पारी का महत्व कम नहीं होता क्योंकि उन्होंने वह मुकाम हासिल किया है, जो एकदिवसीय क्रिकेट के 35 वर्ष के इतिहास में आज तक एक सपना था।
1983 विश्व कप में भारत के महान हरफनमौला खिलाड़ी कपिल देव ने जिंबाब्वे के खिलाफ 175 रनों की बेमिसाल पारी खेलकर इस सफर की शुरुआत की थी लेकिन 175 से 194 रनों तक के आंकड़े तक पहुंचने में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों को 14 वर्ष का समय लग गया।
अपनी महान पारी के दौरान तेंदुलकर ने पाकिस्तान के सईद अनवर और जिंबाब्वे के केविन कोवेंट्री का रिकार्ड तोड़ा। अनवर ने भारत के खिलाफ 1997 में चेन्नई में 194 रनों की पारी खेली थी जबकि कोवेंट्री ने 2009 में बांग्लादेश के खिलाफ बुलावायो में नाबाद 194 रन बनाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।