विश्व कप में जर्मनी की यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। 1978 में उसने भारतीय टीम को 7-0 के अंतर से पराजित किया था। कनाडा को विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है।
मध्यांतर तक जर्मन टीम ने 4-0 की बढ़त कायम कर ली थी। जर्मनी के लिए बेंजामिन वेस (तीसरे), जान मार्को मोंटाग (21वें), कप्तान मैक्सीमिलियन मुलर (23वें), मार्टिन हानेर (28वें) और फ्लोरियन फुक्च (58वें और 64वें) मिनट में गोल किया।
जर्मन टीम ने तीन गोल पेनाल्टी कार्नर के माध्यम से किए हैं जबकि उसके खाते में तीन मैदानी गोल आए। पूरे मैच के दौरान जर्मनी को कुल पांच पेनाल्टी कार्नर मिले, जिनमें से तीन को वह गोल में बदलने में सफल रहा।
दूसरी ओर कनाडा की टीम सिर्फ एक पेनाल्टी कार्नर हासिल कर सकी। जर्मन टीम कनाडा पर इस कदर हावी रही कि उसने कुल 14 मौकों पर सीधे गोल पर हमला किया, जिनमें से छह मौकों पर काफी दूरी से हमले किए गए। जवाब में कनाडा की टीम सिर्फ दो मौकों पर जर्मनी की रक्षापंक्ति को भेद पाई। हालांकि वह गोल नहीं कर सकी।
इस विश्व कप में जर्मनी की टीम की यह पहली जीत है। उसे अपने पहले मैच में दक्षिण कोरिया के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने पर मजबूर होना पड़ा था जबकि कनाडा को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में 2-3 से हार मिली थी। जर्मनी को शुक्रवार को अर्जेटीना के साथ भिड़ना है जबकि कनाडा की टीम अपनी पहली जीत के लिए मजबूत हालैंड का सामना करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।