नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। विश्व कप हॉकी में आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे मैच में मिली करारी शिकस्त से भारतीय टीम को जोरदार झटका लगा है। उसका तीसरा मुकाबला गुरुवार को स्पेन के साथ होना है। यह और आगे के दो मैच जीतना भारत के लिए बेहद जरूरी हैं।
स्पेन की टीम ने बीजिंग ओलंपिक में रजत पदक जीता था। उसे विश्व कप के पहले मैच में जीत मिली, लेकिन दूसरे मैच में पाकिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा है।
स्पेन की टीम जहां भारत के खिलाफ मैच को जीतने के लिए भरपूर दम लगाएगी, वहीं भारतीय टीम के कोच जोस ब्रासा को भी इस मैच के लिए खासतौर पर कुछ अलग रणनीति तैयार करनी होगी।
पूल-बी में चार टीमों के लिए अभी भी अंतिम आठ दौर में स्थान बनाने का रास्ता खुला है। स्पेन, आस्ट्रेलिया, भारत और पाकिस्तान ने तीन-तीन अंक जुटाए हैं जबकि इंग्लैंड की टीम छह अंकों के साथ पहले स्थान पर है।
शुक्रवार को भारत को इंग्लैंड से भिड़ना है। इंग्लैंड की टीम काफी अच्छा खेल रही लेकिन इसके बावजूद भारत उसे हराने की क्षमता रखता है। रविवार को भारत को अपने आखिरी पूल मैच में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है, जिसने अभी तक जीत का खाता नहीं खोला है।
आंकड़ों की बात करें तो विश्व कप में स्पेन पर भारत का पलड़ा भारी रहा है। विश्व कप में स्पेन की टीम ने भारत को 24 वर्ष पहले हराया था।
दोनों टीमों के बीच अब तक विश्व कप के चार मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ने दो-दो मैच जीते हैं। 2002 विश्व कप में भारत ने स्पेन को आखिरी बार 3-0 से पराजित किया था।
गुरुवार को स्पेन की टीम भारत को हराने का भरपूर प्रयास करेगी। वह अगर ऐसा करने में सफल रही तो 1986 विश्व कप के बाद उसकी यह पहली जीत होगी। 1986 में स्पेन ने भारत को 2-1 से पराजित किया था।
विश्व कप को छोड़ दिया जाए तो स्पेन का पलड़ा भारी रहा है। 2002 विश्व कप के बाद से दोनों टीमों के बीच अब तक तीन मुकाबले हुए हैं और सभी में स्पेन की जीत हुई है।
स्पेन ने भारत को 2004 में सुल्तान अजलान शाह कप में 4-1 से, 2004 चैम्पियंस ट्रॉफी में 4-0 से और 2005 चैम्पियंस ट्रॉफी में 2-1 से हराया था।
इस विश्व कप की बात करें तो स्पेन की टीम ने जहां अपने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 4-2 से हराया था वहीं मंगलवार को अपने दूसरे मुकाबले में उसे पाकिस्तान के हाथों 1-2 से हार मिली थी।
दूसरी ओर भारत ने अपने पहले पूल मैच में पाकिस्तान को 4-1 से पराजित कर शानदार शुरुआत की थी लेकिन दूसरे मुकाबले में मंगलवार को उसे आस्ट्रेलिया ने 5-2 से हरा दिया।
स्पेन की टीम ने जहां अब तक एक बार भी विश्व कप खिताब नहीं जीता है, वहीं भारत ने 1975 में यह खिताब अपने नाम किया था। स्पेन की टीम 1971 और 1998 में फाइनल में हार गई थी जबकि भारतीय टीम 1975 में खिताब जीतने के अलावा 1973 में फाइनल में पहुंची थी।
स्पेन की टीम मुख्य रूप से अपने पेनाल्टी कार्नर विशेषज्ञ जेवियर रिबास और पाउ क्वेमाडा पर आश्रित रहेगी। स्पेनी टीम ने पेनाल्टी कार्नर को हाल ही में अपने हथियार के रूप में अपनाया है।
पाकिस्तान के हाथों मिली हार के बाद स्पेनी टीम के रणनीतिकार सतर्क हैं और यही कारण है कि वे भारत को चौंकाने की तैयारी कर रहे हैं। कप्तान अमात को भरोसा है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ सुधरा हुआ प्रदर्शन करेगी।
इंडो-एशियन न्यू्ज सर्विस।
**