कोरिया के लिए नैम ह्यून यू ने 24वें मिनट में पहला गोल किया जबकि दूसरा गोल मध्यांतर से ठीक पहले जैंग जांग ह्यून ने 35वें मिनट में किया। शुरुआत के दोनों गोल पेनाल्टी कार्नर के माध्यम से हुए।
मध्यांतर के बाद 38वें मिनट में ली नैम यंग ने एक शानदार फील्ड गोल करके अपनी टीम को 3-0 की बढ़त दिला दी। कोरियाई टीम गोल करने के मामले में काफी जल्दबाजी में दिख रही थी।
इसी का नतीजा था कि 40वें मिनट में यून संग हून ने और 41वें मिनट में यू हू सिक ने एक के बाद एक गोल करके अपनी टीम की बढ़त 5-0 कर दी। मध्यांतर के बाद हुए तीनों फील्ड गोल थे।
कनाडा के खिलाड़ी फिलिप राइट ने 42वें मिनट में एक बेहतरीन फील्ड गोल करके अपनी टीम को थोड़ी बहुत राहत दी लेकिन तब तक कोरियाई टीम ने बड़ा फासला कायम कर लिया था।
कनाडाई टीम अपने पहले गोल की खुशी ठीक से मना भी नहीं पाई थी कि 45वें मिनट में जैंग जांग ह्यून ने एक और गोल करके अपनी टीम को 6-1 से आगे कर दिया।
राइट ने 51वें मिनट में एक बार फिर वापसी की और एक और शानदार फील्ड गोल के माध्यम से कोरियाई रक्षापंक्ति को चौंका दिया। राइट के गोल की मदद से कनाडा ने स्कोर 2-6 कर दिया।
फटाफट गोल करने का संकल्प लेकर मैदान में उतरी कोरियाई टीम को राइट का यह पलटवार अपमान की तरह लगा और उसने 10 मिनट के अंदर एक और गोल ठोक दिया। यह गोल जैंग जांग ह्यून ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। जांग ने इस मैच में तीसरा गोल पेनाल्टी कार्नर के माध्यम से किया।
अब कोरिया की नजर प्रतियोगिता में अब तक की दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल करने के लक्ष्य पर थी। इसी का नतीजा था कि उसने 63वें मिनट में एक और गोल करके अपनी बढ़त का अंतर 8-2 कर दिया। यह गोल यू हू सिक ने किया। सिक का यह दूसरा गोल था। इस अंतर के साथ कोरियाई टीम ने दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली।
इस विश्व कप में सबसे बड़ी जीत हासिल करने का रिकार्ड आस्ट्रेलिया के नाम है, जिसने तीन दिन पहले पूल-बी में दक्षिण अफ्रीका को 12-0 से पराजित किया था। यह एक विश्व रिकार्ड भी है।
खेल खत्म होने का वक्त पास आते ही कोरियाई टीम की गोल करने की बेकरारी बढ़ती ही जा रही थी। इस बार उसे सफलता नैम ह्यून वू ने दिलाई। यू ने 68वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर के जरिए गोल किया। हू ने 24वें मिनट में पहला गोल भी किया था। इसके साथ कोरियाई टीम ने 9-2 की बढ़त बना ली।
विश्व कप में कोरियाई टीम की चार मैचों में यह दूसरी जीत है। अपने पहले ही मैच में जर्मनी जैसी शक्तिशाली टीम को बराबरी पर रोकने वाली इस टीम ने अर्जेटीना और कनाडा को हराया है जबकि उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है।
पूल-ए में कनाडा और अर्जेटीना की टीमों को अभी भी जीत का इंतजार है। रविवार को दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड और अर्जेटीना की टीमें एक दूसरे से भिड़ेंगी जबकि दिन का अंतिम मुकाबला यूरोपीयन हॉकी के पावरहाउस-जर्मनी और हालैंड के बीच खेला जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।