कलमाडी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मंगलवार को संसद के बाहर यह घोषणा की।
खेल निकायों के अध्यक्षों का कार्यकाल सीमित करने और 70 साल की उम्र में इन पदों से अवकाश लेने के खेल मंत्रालय के आदेश के बाद से आईओए और अन्य राष्ट्रीय खेल संघ खेल मंत्रालय के विरोध में उतर आए हैं।
कलमाडी ने संवाददाताओं को बताया, "हमने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उन मुद्दों के बारे में अवगत कराया जिनमें आईओए और खेल संघों की स्वयात्तता को चुनौती देने की बात कही गई है। हमने उन्हें बताया कि इस आदेश को जारी करने का समय ठीक नहीं है। यह आदेश तब आया है जब राष्ट्रमंडल खेल निकट है और समन्वय आयोग खेल से जुड़ी प्रगति का जायजा लेने के लिए शहर में है। इस विवाद को आसानी से बचा जा सकता था।"
प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान कलमाडी के साथ फुटबाल संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष वी. के. मलहोत्रा, निशानेबाजी संघ के दिग्विजय सिंह, आईओए महासचिव रंधीर सिंह और एथलेटिक्स संघ के महासचिव ललित भनोट भी थे।
कलमाडी ने कहा, "हम इस मसले पर आक्रामक नहीं होना चाहते। डॉ. गिल (खेल मंत्री एम.एस. गिल) राष्ट्रमंडल खेलों के खत्म होने का इंतजार कर सकते थे। हमने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि इन खेलों को सफल बनाने के लिए खेल संघ कड़ी मेहनत करेंगे। प्रधानमंत्री ने हमसे कहा है कि वह मामले पर गौर करेंगे।"
कलमाडी ने कहा कि रंधीर सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति का पत्र प्रधानमंत्री को सौंपा और उन्होंने मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया।
आईओसी के राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (एनओसी) संबंध समिति के निदेशक पेरे मिरो ने रंधीर सिंह को भेजे एक पत्र में कहा कि सर्वोच्च खेल संस्था भारतीय ओलंपिक संस्था के संचालन में अधिक सरकारी हस्तक्षेप की स्थिति में उसकी संबद्धता पर प्रतिबंध लगाने से नहीं हिचकेगी क्योंकि ओलंपिक चार्टर के अनुसार उसका स्वायत्त संचालन आवश्यक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।