क्लार्क ने भारतीय क्रिकेट कंटोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजे एक ई-मेल में दावा किया था कि ललित मोदी और इंडियन प्रीमियर लीग ने यार्कशायर, लंकाशायर और वारविकशायर के साथ मार्च में दिल्ली में एक बैठक करके ईसीबी को कमतर करने का प्रयास किया।
क्लार्क ने आरोप लगाया कि मोदी की योजना दुनिया विशेषकर इंग्लैंड के क्रिकेट ढांचे को तबाह करने और विद्रोही आईपीएल लीग तैयार करने की थी। उन्होंने बैठक का आयोजन करने के लिए आईएमजी पर भी हमला किया।
समाचार पत्र डेली टेलीग्राफ के अनुसार क्लार्क ने ई-मेल में कहा, "हमारी इच्छा मोदी को बढ़ावा देने के लिए आईएमजी के खिलाफ कार्रवाई करने की और उनको विश्व क्रिकेट के लिए प्रतिबंधित करने की है।"
आईएमजी ने इन आरोपों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया प्रकट की और इनको आधारहीन, असत्य और अपमानजनक करार दिया।
आईएमजी ने कहा कि कंपनी का 50 वर्षो का इतिहास प्रमाण है कि उसने हमेशा खेलों को नियंत्रित करने वाली संस्थाओं की संप्रभुता का हमेशा सम्मान किया है। अपने गौरव को बनाए रखने के लिए आईएमजी हर आवश्यक कदम उठाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।