एक गैरसरकारी संगठन ने मंगलवार को बताया कि जिन स्पर्धाओं से विकलांग खिलाड़ी दूर रहेंगे, उनमें तैराकी और टेनिस प्रमुख हैं। 'नेशनल सेंटर फॉर प्रोमोशन ऑफ इंप्लायमेंट फॉर डिसएबल्डपीपुल' (एनसीपीईडीपी) नाम की गैरसरकारी संस्था से जुड़े जावेद आबीदी ने यह जानकारी दी।
आबीदी ने कहा, "देश अगर विकलांग खेल वर्ग में अच्छा प्रदर्शन नहीं करेगा तो तालिका में उसकी स्थिति पर बुरा असर पड़ेगा। विकलांग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 13 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं लेकिन वह राशि अब तक खिलाड़ियों पर नहीं खर्च किया जा सका है। इसका कारण यह है कि इस राशि का भुगतान नहीं हुआ है। खेल मंत्रालय के पास इसका कोई जवाब नहीं है।"
आबीदी ने बताया कि भारतीय खिलाड़ी चार स्पर्धाओं में सिर्फ इसलिए हिस्सा नहीं ले सकेंगे क्योंकि उनके पास खेलों से जुड़ा व्हील चेअर नहीं है। एक व्हील चेयर पर दो से तीन लाख रुपये का खर्च आता है। इस संबंध में भारतीय खेल प्राधिकरण भी चुप्पी साधे हुए है।
अनदेखी से आहत एनसीपीईडीपी के सदस्यों ने बुधवार को खेल मंत्रालय के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। आबीदी ने कहा, "खेल मंत्रालय को इस मुद्दे पर जिम्मेदारी भरा रवैया दिखाना होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।