दोनों टीमे इस वर्ष के ट्वेंटी-20 के फाइनल मुकाबले में रविवार को बारबाडोस के किंग्सटन ओवल मैदान पर आमने सामने होंगी। इस टूर्नामेंट में आस्ट्रेलियाई टीम का अब तक का सफर शानदार रहा है। टूर्नामेंट में अब तक वह अजेय रही है। खिताबी मुकाबले में भी वह जीत के सिलसिले को बरकरार रखते हुए खिताब पर कब्जा करना चाहेगी।
सेंट लूसिया में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को एक रोमांचक मुकाबले में तीन विकेट से हरा दिया था। पाकिस्तानी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 आवरों में 191 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया लेकिन माइक हसी की आतिशी बल्लेबाजी ने पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। हसी ने 24 गेदों पर 60 रन बनाए।
आस्ट्रेलियाई टीम इसी जज्बे को यहां भी बनाए रखना चाहेगी। टीम खेल के हर विभाग में अव्वल नजर आ रही है। शेन वाटसन, डेविड वार्नर, कैमरून व्हाइट, डेविड हसी, माइक हसी, ब्रैड हेडिन और कप्तान माइकल क्लार्क किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकते हैं।
आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ही नहीं बल्कि गेंदबाज भी शानदार लय में हैं। शेन वाटसन, डिर्क नैन्स, मिशेल जानसन और युवा स्पिन गेंदबाज स्टीवन स्मिथ अच्छे से अच्छे बल्लेबाजों को घुटने टेकने के लिए विवश कर सकते हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को ये बड़ी चुनौती दे सकते हैं।
उधर, इंग्लैंड की टीम भी बेहरतीन लय में है और संतुलित है। उसने श्रीलंका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। माइकल लंब, केविन पीटरसन, इयान मोर्गन और कप्तान पॉल कोलिंगवुड शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। टीम में स्टुअर्ट ब्रॉड, रेयान साइडबॉटम और ग्रीम स्वान की मौजूदगी आस्ट्रेलिया के लिए के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।
अपनी टीम की क्षमता को आंकते हुए कोलिंगवुड ने शनिवार को कहा दिया कि उनकी टीम आस्ट्रेलिया से जरा भी कम नहीं हैं और फाइनल मुकाबले में उसे कड़ी टक्कर देगी। उन्होंने कहा, "हम आस्ट्रेलिया से कम नहीं है। हम यह जानते हैं कि उनकी टीम बहुत अच्छी है। परंतु रविवार को कांटे की टक्कर देखने मिलेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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