रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में मिली सात विकेट की हार के बाद क्लार्क ने कहा, "हम एक अच्छी टीम से हारे। हमें इस बात की खुशी है। इंग्लैंड की टीम में कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनमें गजब की प्रतिभा है। हम खेल के हर विभाग में दोयम साबित हुए।"
क्लार्क ने कहा कि विश्व कप के दौरान वह अपने बल्ले के साथ कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके और इस लिहाज से टीम में उनका क्रम निर्धारित करना अब चयनकर्ताओं के हाथ है।
क्लार्क ने कहा, "मैं स्वीकार करता हूं कि बल्ले के साथ मैंने टीम के लिए योगदान नहीं दिया। चयनकर्ता इस बात का फैसला कर सकते हैं कि टीम में मेरा क्या स्थान होगा। साथ ही वे चाहें तो मेरी कप्तानी को लेकर भी कोई न्यायोचित फैसला कर सकते हैं।"
आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें पहली बार ट्वेंटी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची थीं। इंग्लैंड ने पहली बार इस खिताब पर कब्जा किया जबकि आस्ट्रेलिया के हाथ से यह मौका निकल गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।