इस समय जिंबाब्वे में त्रिकोणीय श्रृंखला खेल रही भारतीय क्रिकेट टीम भी 11 जून से दक्षिण अफ्रीका में खेले जाने वाले फीफा विश्व कप-2010 के मद्देनजर फुटबाल के रंग में रंग चुकी है।
यही कारण है कि भारतीय टीम ने बुधवार के अभ्यास सत्र के बाद हरारे में जिबाब्वे और विश्व की सर्वोच्च वरीय फुटबाल टीम-ब्राजील के बीच खेले जाने वाले अभ्यास मैच को देखने का कार्यक्रम बनाया है।
इस दौरे के लिए भारतीय टीम के कप्तान चुने गए सुरेश रैना ने सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर के माध्यम से यह खुलासा किया है। रैना ने अपनी टिप्पणी में लिखा है कि बुधवार सुबह के अभ्यास सत्र के बाद उनके सभी साथी जिंबाब्वे-ब्राजील मैच देखने के लिए कमर कस चुके हैं।
रैना की टिप्पणी, "हम आज का अभ्यास पूरा कर चुके हैं और अब ब्राजील-जिंबाब्वे मैच देखने के लिए कमर कर चुके हैं। मैं खासतौर पर काका का खेल देखने के लिए उत्साहित हूं।"
बहरहाल, राजनीति और खेल के लिहाज से संक्रमण काल से गुजर रहे अफ्रीकी देश जिंबाब्वे में मंगलवार को ब्राजीली टीम का पहुंचना अपने आपमें एक महान घटना है। यही कारण है कि हजारों की संख्या में लोग ब्राजीली खिलाड़ियों के दर्शन के लिए हवाई अड्डे से लेकर सड़कों तक उमड़ पड़े।
पांच बार विश्व खिताब जीत चुकी ब्राजील की टीम फीफा विश्व कप-2010 के लिए रविवार को ही दक्षिण अफ्रीका पहुंच चुकी थी। इस टीम ने अभ्यास के तौर पर मैच खेलने का जिंबाब्वे का न्यौता स्वीकार किया।
ब्राजीली टीम के अपने देश में पहुंचने की खबर मिलते ही हजारों फुटबाल प्रेमी हवाई अड्डे की और दौड़ पड़े। सड़कों पर काका और रोबिन्हो जैसे अपने चहेते फुटबाल खिलाड़ियों को देखने के लिए भारी भीड़ थी। इस भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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