इस श्रृंखला की तीसरी टीम भारत थी, जो अपने तीन लीग मैच गंवाकर पहले ही बाहर हो चुकी है। भारतीय टीम सुरेश रैना जैसे युवा खिलाड़ी की कप्तानी में यहां पहुंची थी लेकिन उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
दूसरी ओर, मेजबान टीम ने इस श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया है। उसने चार में से तीन लीग मैच जीते हैं जबकि उसे सिर्फ एक में हार का सामना करना पड़ा। उसने दो मुकाबलों में भारत को और सोमवार को श्रीलंका को पराजित किया।
श्रीलंकाई की टीम का प्रदर्शन यहां औसत रहा है। तिलकरत्ने दिलशान की कप्तानी में खेल रही युवा श्रीलंकाई टीम ने यहां दो मैच जीते हैं जबकि दो में उसकी हार हुई है। उसने एक-एक मौके पर भारत और जिंबाब्वे को हराया जबकि इन दोनों टीमों के खिलाफ एक-एक मैचों में उसकी हार हुई है।
जिंबाब्वे में इस श्रृंखला को लेकर जोरदार उत्साह है। राजनीति और खेल के क्षेत्र में उपेक्षित इस देश की क्रिकेट टीम ने लंबे समय बाद बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो श्रेष्ठ टीमों को बड़े अंतर से पराजित किया है। इस कारण फाइनल के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय प्रशंसकों के जुटने के आसार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।