For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

फीफा विश्व कप : गोलरहित रहा पहला हॉफ (लीड-1)

शुरुआती 45 मिनट में हालांकि स्पेन ने बेहतर खेल दिखाया और 56 फीसदी समय तक गेंद को अपने पास रखा। इस दौरान वह सिर्फ एक मौके पर हॉलैंड के गोलपोस्ट पर जोरदार हमला कर सकी जबकि हॉलैंड की टीम तीन बार ऐसा करने में सफल रही।

दोनों टीमों के बीच बढ़त हासिल करने के लिए जोरदार संघर्ष हुआ। इसी का नतीजा रहा कि शुरुआती 45 मिनट में ही पांच खिलाड़ियों को पीले कार्ड दिखाए गए। इनमें से तीन खिलाड़ी हॉलैंड के हैं जबकि स्पेन के दो खिलाड़ियों को रेफरी ने चेताया।

इस मैच के शुरू होने से पहले दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा और फीफा के अध्यक्ष सैप ब्लैटर दोनो टीमों के खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों से बारी-बारी से मिले और उन्हें शुभकामनाएं दीं। अफ्रीका महाद्वीप में विश्व कप का आयोजन पहली बार हो रहा है।

इंग्लैंड के हावर्ड वेब को इस मैच का रेफरी नियुक्त किया गया है। फीफा ने कहा है कि 38 वर्षीय यॉर्कशायर निवासी वेब चौथी बार इस विश्व कप में मुख्य रेफरी की भूमिका अदा करेंगे।

बहरहाल, पहली बार किसी यूरोपीय देश से बाहर दो यूरोपीय देशों के बीच खेले जाने वाले इस मैच के बाद विश्व फुटबाल को आठवां चैम्पियन मिलेगा। विश्व कप के इतिहास में अब तक कुल 12 देशों की टीमों ने फाइनल तक का सफर तय किया है।

अब तक ब्राजील, इटली, जर्मनी, उरुग्वे, अर्जेटीना, इंग्लैंड एवं फ्रांस ने खिताब जीता है। इन देशों के अलावा चेकोस्लोवाकिया, स्वीडन और हंगरी की टीमें भी फाइनल में पहुंच चुकी हैं।

वर्ष 2008 में जर्मनी को हराकर यूरोपीयन चैम्पियनशिप खिताब जीतने वाली 'ला रोजा' नाम से मशहूर स्पेन की टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले के 73वें मिनट में सेंट्रल मिडफील्डर कार्ल्स पूयोल द्वारा हेडर के माध्यम से किए गए नायाब गोल की मदद से मंगलवार को डरबन स्टेडियम में अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी जर्मनी को 1-0 से पराजित किया था।

अपनी शानदार पासिंग शैली और मैदान पर बेहतरीन रणनीति तथा सामंजस्य के लिए मशहूर स्पेन की टीम ने खेल के हर विभाग में तीन बार के चैम्पियन जर्मनी को दोयम साबित किया था। इससे पहले स्पेन की टीम को चार बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का मौका मिला था लेकिन वह एक बार भी उस मौके को भुना नहीं सकी थी।

स्पेन की टीम ने ग्रुप स्तर की शुरुआत हार से की थी। उसे पहले मैच में स्विट्जरलैंड के हाथों 0-1 से हार मिली थी जबकि उसने अपने दूसरे मैच में होंडुरास को 2-0 से और तीसरे मैच में चिली को 2-1 से पराजित किया था। स्पेन की टीम ने डेविड विला के शानदार गोल की मदद से जहां नॉकआउट दौर में पुर्तगाल को 1-0 से पराजित किया था वहीं क्वार्टर फाइनल में उसने पराग्वे को भी इसी अंतर से हराया था। इस मैच में भी विला ही स्पेन के हीरो रहे थे।

दूसरी ओर, 32 वर्ष के बाद फाइनल में जगह बनाने वाली 'द ऑरेंजी' नाम से मशहूर हॉलैंड की टीम ग्रुप स्तर में अजेय रही थी। वर्ष 1988 में यूरोपीयन चैम्पियनशिप जीतने वाली हॉलैंड की टीम टीम तीसरी बार फाइनल में पहुंची है। यही नहीं, वह लगातार 25 मैचों से अजेय है। नौवीं बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हॉलैंड की टीम पहली बार 1974 और दूसरी बार 1978 में फाइनल में पहुंची थी लेकिन बहुत कम अंतर से खिताबी जीत से चूक गई थी।

1998 में फ्रांस में खेले गए विश्व कप में चौथा स्थान हासिल करने वाली इस टीम ने ग्रुप स्तर में अपने पहले मैच में डेनमार्क को 2-0 से, जापान को 1-0 से और कैमरून को 2-1 से पराजित किया था। अंतिम-16 दौर में उसने स्लोवाकिया को 2-1 से पराजित किया और फिर इस विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए क्वार्टर फाइनल में पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को 2-1 से हराया था।

आंकड़े स्पेन के साथ नहीं हैं लेकिन सटीक भविष्यवाणी करके विख्यात हो चुके पॉल ऑक्टोपस बाबा ने स्पेन को खिताबी मुकाबले का विजेता घोषित कर दिया है। आंकड़े बताते हैं कि अब तक किसी टीम ने कभी खिताब नहीं जीता है, जिसने विश्व कप की शुरुआत हार के साथ की हो। स्पेन ने स्विट्जरलैंड के खिलाफ 0-1 से हार से अपने अभियान की शुरुआत की थी।

स्पेन को यह बात निराश कर सकती है लेकिन पॉल बाबा की भविष्यवाणी से उसके लिए खिताबी जीत की आशा बनी रहेगी। मीडिया के हुजूम के बीच पॉल ने शुक्रवार को इस बात का खुलासा किया। पॉल को स्पेन को नया विजेता घोषित करने में मात्र तीन मिनट का समय लगा जबकि कुछ मैचों के परिणाम की भविष्यवाणी करने में पॉल ने 70 मिनट तक का समय लिया था।

पॉल ने स्पेन और जर्मनी के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी की थी। पॉल ने भविष्यवाणी की थी कि जर्मनी की टीम आस्ट्रेलिया, घाना, इंग्लैंड एवं अर्जेटीना के खिलाफ जीत जाएगी लेकिन स्पेन और सर्बिया के हाथों उसे हार झेलनी पड़ेगी।

हॉलैंड के साथ पॉल नहीं है लेकिन आंकड़े उसके साथ हैं। उसने डेनमार्क पर 2-0 की जीत के साथ इस विश्व कप की शुरुआत की थी और अब तक अजेय है। हॉलैंड को हालांकि स्पेन की आक्रमण पंक्ति से सचेत रहना होगा क्योंकि वह आंकड़ों के खेल को बिगाड़ने में माहिर है। यही कारण है कि अपनी सटीक पासिंग विशेषता के कारण यह टीम आज की तारीख में दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में गिनी जाती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:40 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+