133 मैचों में 800 विकेट अपने नाम कर चुके मुरली ने कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान पर कुल 166 विकेट, गाल में 111 विकेट और कैंडी में 117 विकेट अपने नाम किए हैं।
इससे पहले किसी गेंदबाज ने तीन मैदानों पर 100 से अधिक विकेट नहीं झटके हैं। भारत के खिलाफ भी मुरली ने 105 से अधिक विकेट झटके हैं। ऐसा करने वाले वह दुनिया के एकमात्र गेंदबाज हैं।
मुरली विश्व के एकमात्र ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने तीन मौकों पर एक कैलेंडर वर्ष में 75 या उससे अधिक विकेट अपनी झोली में डाले हैं। वह 2006 में 90 विकेट, 2001 में 80 विकेट और 2000 में 75 विकेट चटका चुके हैं।
मुरली ने अपने करियर में सबसे कम मैच खेलते हुए 400 विकेट, 500 विकेट, 600 विकेट और 700 विकेट हासिल किए हैं। यही नहीं, वह तीन देशों के खिलाफ 100 से अधिक विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज हैं। इस क्रम में शेन वार्न का नाम पहले आता है।
मुरली ने टेस्ट मैचों में 67 बार पारी में पांच विकेट और 22 बार मैच में 10 विकेट लिए हैं। यह एक विश्व रिकार्ड है।
मुरली दुनिया के एकमात्र ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट खेलने वाले सभी नौ देशों के खिलाफ पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है।
अपनी फिरकी से दुनिया भर के बल्लेबाजों को नचाने वाले मुरली ने अपने करियर में कुल 11 बार मैन ऑफ द सीरीज खिताब जीता है। यह एक रिकार्ड है।
श्रीलंकाई क्रिकेट खिलाड़ियों में मुरली को सर्वाधिक बार मैन ऑफ द मैच खिताब से नवाजा गया है। मुरली को करियर में कुल 19 मौकों पर मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
मुरली ने अपने करियर में सर्वाधिक 167 मौकों पर बल्लेबाजों को बोल्ड किया है। इसके अलावा मुरली के नाम सर्वाधिक 47 बार बल्लेबाज को विकेटकीपर के हाथों स्टंप कराने का विश्व रिकार्ड है।
यही नहीं, वह अपनी ही गेंद पर बल्लेबाज को 35 बार लपकने में सफल रहे हैं। भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले भी 35 बार यह कारनामा कर चुके हैं।
28 अगस्त 1992 को आस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में अपने करियर का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले मुरली के नाम कुल 1328 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने एकदिवसीय मैचों में 515 और ट्वेंटी-20 मैचों में 13 विकेट लिए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।