बुधवार को होने वाले हॉकी इंडिया के पदाधिकारियों के चुनाव में अध्यक्ष के लिए नामांकन कर चुके परगट ने कहा, "एचआई ने इस मामले पर बच्चों जैसा रुख दिखाया है। यह सब असक्षम प्रशासन के कारण हो रहा है। ये (एचआई पदाधिकारी) किसी भी मामले को पेशेवर तौर पर नहीं संभाल सकते।"
परगट ने कहा कि इस मामले को भारतीय ओलंम्पिक समिति (आईओए) को सुपुर्द करना चाहिए था। बकौल परगट, "इस मामले में आईओए को कानून के किसी जानकार को स्वतंत्र जांच का आदेश देना चाहिए था। ऐसे मामलों के लिए एक विशेष शिकायत सेल होनी चाहिए।"
"ऐसे मामले स्वतंत्र रूप से संभाले जाने चाहिए और इसमें किसी तरह की राजनीति को जगह नहीं मिलनी चाहिए। किसी भी खिलाड़ी को बिना डर के अपनी शिकायत सामने रखने का अधिकार है।"
उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम की सदस्य रंजीता देवी ने कौशिक पर यौन उत्पीड़न के प्रयास का आरोप लगाया था। इस मामले में कौशिक ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन उन्होंने खुद को निर्दोष करार दिया है।
एक अन्य मामले में टीम के वीडियोग्राफर एम. बासवराज को चीन दौरे में एक विदेशी यौनकर्मी के साथ संवेदनशील अवस्था में दिखाई गई एक तस्वीर जारी की गई है। एचआई ने बासवराज को बर्खास्त कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।