नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने बुधवार को होने वाले हॉकी इंडिया (एचआई) के चुनाव से अपने पर्यवेक्षक को हटा लिया है। मंत्रालय ने यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद उठाया। अदालत ने कहा कि एचआई नहीं, बल्कि भारतीय हाकी परिसंघ (आईएचएफ) हॉकी की प्रतिनिधि संस्था है। न्यायालय ने एचआई को एक निजी संस्था करार दिया।
न्यायालय ने कहा कि जब तक सरकार अपना रुख स्पष्ट नहीं करती, तब तक एचआई चुनाव के लिए आगे नहीं बढ़ सकती, क्योंकि यह एक निजी संस्था है और हॉकी के लिए आईएचएफ अधिकृत संस्था है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले महीने के.पी.एस.गिल के नेतृत्व वाले आईएचएफ के निलंबन को अवैध करार दिया था।
ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या एचआई अभी भी चुनाव के लिए आगे बढ़ेगी या नहीं, क्योंकि इसका कोई भी शीर्ष अधिकारी बातचीत के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया। लेकिन एक सदस्य ने कहा कि चुनाव होगा।
उच्च न्यायालय ने सरकार और एचआई को निर्देश दिया है कि उन्हें सभी राज्य इकाइयों को शाम तक एक स्पष्टीकरण जारी कर दिया जाए कि एचआई एक निजी संस्था है।
अदालत के आदेश में कहा गया है, "जब तक सरकार और एचआई द्वारा स्पष्टीकरण नहीं जारी कर दिया जाता, तब तक एचआई का चुनाव नहीं आयोजित किया जा सकता।"
मंत्रालय ने शाम को एक बयान जारी कर कहा कि वह अपने पर्यवेक्षक एस.मेंदिरत्ता को वापस बुला रहा है।
बयान में कहा गया है, "एचआई की वार्षिक आम बैठक में सरकारी पर्यवेक्षक की उपस्थिति किसी भी तरह से इसकी चुनावी प्रक्रिया या इसके परिणाम पर मुहर नहीं लगाता। लेकिन अदालत के निर्देश के अनुसार सरकार ने चुनावी पर्यवेक्षक की नियुक्ति न करने का निर्णय लिया है।"
न्यायालय के मुताबिक भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ही भारत में हॉकी की मान्यता प्राप्त संस्था है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।