अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले रैना ने 228 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और दो छक्के लगाए। उन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के साथ पांचवें विकेट के लिए 256 रनों की साझेदारी निभाकर भारत को फॉलोऑन के खतरे से उबारा।
इस शतक के साथ रैना ने अपना नाम रिकार्डबुक में दर्ज करा लिया। वह पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले 12वें भारतीय हैं। इस पारी के साथ रैना का नाम लाला अमरनाथ, आर.अच. सोधन, ए.जी. कृपाल सिंह, आसिफ अली बेग, हनुमंत सिंह जैसे गुजरे जमाने के क्रिकेटरों की सूची में शुमार हो गया।
भारतीय आधुनिक क्रिकेट इतिहास में अपने पहले ही मैच में शतक लगाने वालों में प्रवीण आमरे, गुंडप्पा विश्वनाथ, मोहम्मद अजहरूद्दीन, वीरेंद सहवाग और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं। अजहरूद्दीन के नाम लगातार तीन मैचों में शतक लगाने का अनोखा रिकार्ड है।
बहरहाल, भारतीय टीम ने रैना का विकेट गंवाने के बाद पांच विकेट पर 503 रन बना लिए हैं। तेंदुलकर 289 गेंदों पर 20 चौकों और एक छक्के की मदद से 162 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धौनी चार रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं।
चौथे दिन तेंदुलकर और रैना ने भारतीय पारी को सहजता से आगे बढ़ाया। खेल का पहला सत्र रैना के लिए बेहद खास रहा क्योंकि उन्होंने पहले ही टेस्ट में शतक जड़ा। युवराज सिंह के बीमार होने की वजह से रैना टीम में जगह पाने में सफल हुए।
इससे पहले भारतीय टीम ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक चार विकेट खोकर 382 रन बनाए थे। तीसरे दिन तेंदुलकर ने सूरज रांडीव की गेंद को चार रनों के लिए सीमा रेखा के बाहर भेजकर अपना 48वां टेस्ट शतक पूरा किया। तेंदुलकर का चौथे क्रम पर खेलते हुए 42वां शतक है।
भारत ने तीसरे दिन 241 रनों के कुल योग पर वीरेंद्र सहवाग (99), मुरली विजय (58), राहुल द्रविड़ (3) और लक्ष्मण (29) के विकेट खो दिए थे। लक्ष्मण ने तेंदुलकर के साथ चौथे विकेट के लिए 68 रन जोड़े।
इससे पहले तीसरे दिन सहवाग शतक लगाने से चूक गए। सहवाग 99 रन बनाकर आउट हुए थे। सहवाग अपने करियर में चौथी बार 'नर्वस नाइंटीज' का शिकार हुए। श्रीलंकाई टीम ने दूसरे दिन मंगलवार को कप्तान कुमार संगकारा के दोहरे शतक और उपकप्तान माहेला जयवर्धने की शतकीय पारी की बदौलत चार विकेट पर 642 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी।
गॉल टेस्ट में 10 विकेट से हार झेल चुकी भारतीय टीम के लिए दूसरा टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण है। अगर तीन मैचों की इस श्रृंखला में भारतीय टीम की हार होती है तो उससे सर्वोच्च वरीयता प्राप्त टेस्ट टीम का ताज छिन जाएगा। तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।