मुरली विजय छह रन बनाकर खेल रहे हैं जबकि वीरेंद्र सहवाग ने 21 गेंदों की अपनी तेज पारी के दौरान पांच चौकों की मदद से 21 रन बनाए हैं। श्रीलंका की पहली पारी के स्कोर की तुलना में भारतीय टीम अभी भी 397 रन पीछे है।
इससे पहले, प्रज्ञान ओझा (115/4) और ईशांत शर्मा (72/3) की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने श्रीलंका की पारी 425 रनों पर समेट दी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रही मेजबान टीम के लिए मध्यक्रम के बल्लेबाज थिलन समरवीरा ने सर्वाधिक 137 रन बनाए।
समरवीरा ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 288 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और एक छक्का लगाया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ने चार विकेट खोकर 293 रन बनाए थे।
दूसरे दिन उसने भोजनकाल से पहले एंजेलो मैथ्यूज (45) और प्रसन्ना जयवर्धने (9) तथा भोजनकाल के बाद सूरज रांडीव (8), लसित मलिंगा (4), असंथा मेडिस (3) और चमारा वेलेगेदारा (4) के विकेट गंवाए।
मैथ्यूज पहले दिन 26 रन पर नाबाद लौटे थे जबकि समरवीरा ने 65 रन बनाए थे। समरवीरा और मैथ्यूज ने पांचवें विकेट के लिए 89 रनों की उपयोगी साझेदारी निभाई। समरवीरा ने 229 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया।
यह उनके करियर का 12वां टेस्ट शतक है। दूसरे दिन भारत को स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा और ईशांत ने दो-दो सफलता दिलाई जबकि वीरेंद्र सहवाग और अमित मिश्रा को एक-एक सफलता मिली।
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर समाप्त हुए दूसरे टेस्ट मैच के उबाऊ समापन के बाद श्रृंखला में 2-0 की बढ़त हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरी मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी।
मेजबान टीम ने मात्र 15 रन पर थरंगा पारानाविताना के रूप में अपना पहला विकेट गंवा दिया था लेकिन उसके बाद सभी बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान देते हुए अपनी टीम को संतोषजनक स्थिति में पहुंचा दिया था।
टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाने में समरवीरा और मैथ्यूज के अलावा सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान (41), कप्तान कुमार संगकारा (75) और पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने (56) ने महत्वपूर्ण योगदान निभाया।
तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए है। उसने गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से जीता था जबकि कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच बेनतीजा समाप्त हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।