भारतीय टीम को जीत के लिए दूसरी पारी में 257 रन बनाने थे लेकिन चौथे दिन महज 53 रन पर तीन प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवाकर वह मुश्किल में आ गई थी। पांचवें दिन सचिन तेंदुलकर और लक्ष्मण ने अपने अनुभव का जौहर दिखाते हुए पांचवें विकेट के लिए 109 रनों की साझेदारी की और भारतीय जीत की नींव रखी। वर्ष 1994 के बाद पी. सारा मैदान पर यह श्रीलंका की पहली हार है।
सुरैश रैना ने चनाका वेलेगेदारा की गेंद पर छक्का जड़कर पांचवें दिन के दूसरे सत्र में भारत को पांच विकेट से जीत दिलाई। खेल की चौथी पारी और श्रीलंकाई गेंदबाजी को देखते हुए भारत के लिए 257 रनों का लक्ष्य मुश्किल माना जा रहा था परंतु लक्ष्मण ने 103 रनों की पारी खेलकर इस मैच को भारत की झोली में डाल दिया।
पांचवें दिन के पहले सत्र में ईशांत शर्मा के रूप में भारत टीम को चौथा झटका लगा। चौथे दिन नाइटवाचमैन की भूमिका में उतरे ईशांत आखिरी दिन ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं टिक सके। वह चार रनों के निजी स्कोर पर सूरज रांडीव की गेंद पर कुमार संगकारा के हाथों लपके गए। ईशांत के आउट होने के बाद लक्ष्मण ने सचिन के साथ मोर्चा संभाला और जीत की यादगार इबारत लिख डाली।
भारतीय टीम की जीत की उम्मीदें लक्ष्मण के साथ सचिन पर भी टिकी थीं परंतु मैदान पर पैर जमाने के बाद उनका एक पल के लिए धर्य खोना भारी पड़ गया। वह सूरज रांडीव की एक गेंद को विकेटकीपर के बगल से सीमा रेखा के बाहर पहुंचाने की कोशिश में थे लेकिन गेंद प्रसन्ना जयवर्धने के हाथों में समा गई और सचिन को पेवेलियन का रुख करना पड़ा। पेवेलियन लौटने से पहले सचिन ने अपने टेस्ट करियर का 56वां अर्धशतक लगाया। उन्होंने 54 रनों की पारी खेलने के साथ ही लक्ष्मण के साथ पांचवें विकेट के लिए 109 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
श्रीलंकाई गेंदबाजों ने चौथे दिन ही मेहमान टीम के तीन विकेट 53 रन पर झटक लिए थे। भारत ने चौथे दिन की समाप्ति तक वीरेंद्र सहवाग, मुरली विजय और राहुल द्रविड़ के विकेट गंवाए। तेंदुलकर 11 और ईशांत दो रन पर नाबाद लौटे थे। श्रीलंका को दूसरी पारी में 267 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम ने सबसे पहले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के रूप में अहम विकेट गंवाया था।
गॉल में खेला गया श्रृंखला का पहला मुकाबला श्रीलंका ने 10 विकेट से जीता था जबकि कोलंबो में ही खेला गया दूसरा मैच बेनतीजा समाप्त हुआ था।
टेस्ट मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की यह चौथी बड़ी जीत है। इस जीत की इबारत लिखने में भारत के स्पिन गेंदबाजों का अहम योगदान रहा। भारतीय स्पिनरों ने श्रीलंका की पहली पारी में छह विकेट और दूसरी पारी में नौ विकेट झटके।
इस मैच में शतक जड़ने वाले लक्ष्मण को मैन ऑफ द मैच और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले वीरेंद्र सहवाग को श्रृंखला को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। सहवाग ने इस श्रृंखला में दो शतक और एक अर्धशतक भी लगाया। सचिन ने इस श्रृंखला में एक दोहरा शतक जड़ा। यह श्रृंखला राहुल द्रविड़ के लिए निराशाजनक रही।
मैच के बाद भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा कि तीसरे टेस्ट में मिली जीत शानदार है। मैच के बाद भारतीय कप्तान ने कहा, "यह जीत हमारे लिए बड़ी है। यह टीम के सामूहिक प्रयास का नतीजा है। श्रीलंका की दूसरी पारी में हमारे गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। दोनों छोर से स्पिनरों ने बल्लेबाजों को बांधे रखा और हम उन्हें कम स्कोर पर रोकने में कामयाब रहे। यह एक शानदार जीत है।"
इस मैच में शानदार शतक जड़ने वाले वी.वी.एस. लक्ष्मण ने सचिन तेंदुलकर के साथ की गई साझेदारी को अहम करार दिया। उन्होंने कहा, "सचिन और मेरे बीच हुई साझेदारी महत्वपूर्ण रही। मेरे लिए यह खुशी की बात है कि टीम की जरूरत के समय मैंने यह पारी खेली है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।