पोंटिंग ने अपनी पसंद की जो विश्व एकादश चुनी है, उसमें उन्होंने सहवाग को बतौर सलामी बल्लेबाज चुना है जबकि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को उन्होंने मध्यक्रम में ब्रायन लारा और कुमार संगकारा सरीखे बल्लेबाजों के साथ जगह दी है। उन्होंने यह एकादश बीते दशक में अपनी टीम के विरुद्ध खेले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को लेकर चुनी है।
स्थानीय समाचार पत्र 'द आस्ट्रेलियन' में पोंटिंग ने जिन 11 खिलाड़ियों का चयन किया है, वे इस प्रकार हैं: वीरेंद्र सहवाग और ग्रीम स्मिथ (सलामी बल्लेबाजी), जैक्स कालिस, सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा कुमार संगकारा (मध्य क्रम), एंड्रयू फ्लिंटॉफ (ऑलराउंडर), कर्टली एंब्रोज, वसीम अकरम और शॉन पोलोक (तेज गेंदबाज) और मुथैया मुरलीधरन (स्पिन गेंदबाज)।
इस अखबार में लिखे अपने लेख में पोंटिंग ने इस एकादश में शामिल खिलाड़ियों की खूबियों का भी जिक्र किया है। वह बतौर सलामी बल्लेबाज सहवाग के बारे में कहते हैं, "सहवाग के पास किसी भी गेंदबाजी आक्रमण का डंटकर सामना करने की अद्भुत क्षमता है। जब वह लय में होते हैं तो उन्हें रोकना आसान नहीं होता है। सहवाग ने भारतीय उपमहाद्वीप में रन बनाने के साथ आस्ट्रेलिया के मेलबर्न और एडिलेड में भी शतक जड़े हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि सहवाग कहीं भी रन बना सकते हैं।"
एकादश के मध्यक्रम में मास्टर ब्लास्टर को शामिल करने वाले पोंटिंग ने उनकी खूब बड़ाई की है हालांकि आस्ट्रेलियाई कप्तान ने अपने लेख में सचिन और लारा की तुलना से बचने की कोशिश भी की है। उनका कहना है, "सचिन जब अपने सर्वश्रेष्ठ लय में थे तो वह लाजवाब थे जबकि लारा का शुरुआत में विकेट लेना आसान होता था। लारा जब एक बार जम जाते थे तो उन्हें रोक पाना आसान नहीं होता था।"
बकौल पोंटिंग, "इसमें कोई दो राय नहीं कि 90 के दशक के सचिन और 21वीं सदी के पहले दशक के सचिन में अंतर हैं। परंतु सचिन अभी भी लाजवाब फार्म में हैं। हैदराबाद में हमारे खिलाफ उनकी 175 रनों की पारी इसका प्रमाण है। टीमें आज भी सचिन का विकेट जल्द लेने की कोशिश में रहती हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।