मुशर्रफ ने तीनों खिलाड़ियों द्वारा कथित तौर पर लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्पॉट फिक्सिंग करने की घटना को अफसोसजनक बताया लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आमेर को माफ कर दिया जाना चाहिए क्योंकि वह युवा, प्रतिभाशाली और गरीब है।
समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' ने मुशर्रफ के हवाले से लिखा है, "आमेर सिर्फ 18 वर्ष का है। वह तो वरिष्ठ खिलाड़ियों की संगत में खराब काम कर बैठा। वह काफी गरीब परिवार से संबंध रखता है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए सजा तय करते वक्त आमेर के प्रति उदारता दिखाई जानी चाहिए।"
मुशर्रफ मानते हैं कि कड़ी सजा देकर किसी खिलाड़ी का करियर बर्बाद करने से बेहतर उपाय यह है कि उसे सुधरने का एक मौका दिया जाए। बकौल मुशर्रफ, "जिस तरह हम सजा देकर दूसरों को सबक देते हैं, वैसे ही आमेर को सुधार का मौका देकर दूसरों को सबक देना चाहिए।"
आमेर के साथ मोहम्मद आसिफ और कप्तान सलमान बट्ट को मैच फिक्सिंग मामले में आरोपी बनाया गया है। आईसीसी ने जांच पूरी होने तक तीनों खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया है। तीनों खिलाड़ी पाकिस्तान लौट चुके हैं और जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।