लायंस की टीम तालिका में दो जीत र कुल चार अंकों के साथ दूसरे क्रम पर है। दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के केवल दो अंक हैं। रविवार को मुंबई इंडियंस के हाथों मिली कम अंतर की हार ने उसे निराश कर दिया। रॉयल चैलेंजर्स ने अब तक तीन मैचों में एक जीत हासिल की है जबकि दो मौकों पर उसे हार का सामना करना पड़ा है।
मंगलवार को लायंस के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा करके वह न सिर्फ अपना रन रेट सुधार सकती है बल्कि जीत हासिल करके तालिका में दूसरे क्रम पर भी पहुंच सकती है। लायंस क्लब के मौजूदा फार्म को देखते हुए रॉयल चैलेंजर्स के लिए वैसे यह काम आसान नहीं होगा।
चैलेंजर्स की टीम मुंबई से हार चुकी है जबकि लायंस की टीम उद्घाटन मुकाबले में मुंबई पर भारी पड़ी थी। इसके बाद उसने गयाना को भी हराया था। उसे एकमात्र हार आस्ट्रेलियाई क्लब साउथ आस्ट्रेलिया के हाथों मिली है, जो छह अंकों के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुका है।
उठापटक से भरे मुकाबलों ने चैम्पियंस लीग के दूसरे संस्करण को खास बना दिया है। 2009 में भारत में आयोजित इसका पहला संस्करण खासा लोकप्रिय रहा था। पहले संस्करण मे 12 टीमों ने हिस्सा लिया था लेकिन इस बार 10 टीमों के बीच श्रेष्ठता की जंग हो रही है।
चैम्पियंस लीग के दूसरे संस्करण में न्यूजीलैंड से सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स स्टैग्स, भारत से चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और बेंगलोर रॉयल चैलेंजर्स, गयाना, दक्षिण अफ्रीका से लायंस और वारियर्स, आस्ट्रेलिया से साउथ आस्ट्रेलिया और विक्टोरिया तथा श्रीलंका से वायंबा की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
10 टीमों को पांच-पांच के दो ग्रुप में विभाजित किया गया है। ग्रुप-ए में चेन्नई सुपर किंग्स, वारियर्स, विक्टोरिया, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स और वायंबा को रखा गया है जबकि ग्रुप-बी में मुंबई इंडियंस, लायंस, साउथ आस्ट्रेलिया, रॉयल चैलेंजर्स और गयाना की टीमें हैं। प्रत्येक ग्रुप की दो-दो शीर्ष टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।