नई दिल्ली में शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में फेनेल ने कहा, "भारत की छवि को काफी नुकसान पहुंच चुका है। लोग पूछ रहे हैं 'क्या हमें भारत आना चाहिए?' भारत सबसे बड़ा राष्ट्रमंडल देश है। उम्मीद है कि इससे भारत ने सबक लिया गया होगा। हमने भी भारत जैसे देश के साथ काम करके काफी कुछ सीखा है।"
उन्होंने कहा, "हम सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी। सभी चीजें दुरुस्त हों, इसके लिए हम सब मिलकर काम करेंगे। हम सभी समस्याओं से उबर रहे हैं। अब हमें जरूरी और सही कदम उठाने होंगे।"
फेनेल ने कहा, "मैं इस बात से खुश हूं कि खेल गांव में काम काफी हद तक पूरा हो गया है। कई जगहों पर अभी काम बाकी है। आशा है कि तीन अक्टूबर को उद्धाटन समारोह से पहले बाकी के काम भी पूरे कर लिए जाएंगे।"
उन्होंने कहा, "पहली बार जब मैं खेल गांव गया था तो वहां की हालत बेहद खराब थी। वह जगह रहने लायक नहीं थी। परंतु अब हालात काफी सुधर गए हैं। कुछ काम शेष हैं लेकिन उम्मीद है कि ये भी पूरे हो जाएंगे। खेल आयोजन से जुड़े लोग काम में तेजी से जुटे हुए हैं।"
फेनेल ने कहा, "मुझे इस बात की खुशी है कि जो देश यहां आने को लेकर हिचकिचाहट दिखा रहे थे, उनकी ओर से भी अब सकारात्मक संकेत आ रहे हैं। आशा करते हैं कि सभी इन खेलों में सभी शिकरत करेंगे और इन्हें सफल बनाएंगे। हमें उम्मीद है कि सुरक्षा एवं अन्य सभी चिंताओं को समय रहते दूर कर लिया जाएगा।"
फेनेल ने खेल गांव में लजीज पकवानों और वहां के खाने-पीने से जुड़ी सुविधओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "मैंने गुरुवार रात खेल गांव में ही भोजन किया। वहां खाने की सुविधाएं शानदार हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि किसी को भी खाने को लेकर कोई शिकायत नहीं होगी।"
उधर, राष्ट्रमंडल खेलों में शिकरत करने को राजी हए न्यूजीलैंड ने शुक्रवार रात कहा कि उसके खिलाड़ी मंगलवार से खेल गांव पहुंचना शुरू कर देंगे। इससे पहले खेल गांव में अधूरी तैयारियों और सुरक्षा चिंताओं की वजह से न्यूजीलैंड के इन खेलों में भाग लेने पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। परंतु शुकवार को न्यूजीलैंड ओलम्पिक समिति (एनजेडओसी) की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि कीवी खिलाड़ी नई दिल्ली में तीन अक्टूबर से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेंगे।
स्थानीय समाचार पत्र 'न्यूजीलैंड हेराल्ड' के अनुसार एनजेडओसी के अध्यक्ष माइक स्टैनले और महासचिव बैरी मैस्टर ने इस बात का ऐलान किया। दोनों का कहना है कि खेल गांव के परिसर की तैयारियों और सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता अभी भी बनी हुई है।
कीवी प्रधानमंत्री जॉन की ने शुक्रवार को कहा था कि अगर वह एथलीट होते तो नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों में जरूर शिरकत करते। उनके इस बयान को राजनयिक नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना गया।
इससे पहले न्यूजीलैंड के एक प्रमुख साइक्लिस्ट ग्रेग हेंडर्सन स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत नहीं करने की घोषणा कर चुके हैं। इस खिलाड़ी ने इसके लिए दिल्ली में निर्मित खेलगांव की खराब स्थिति और वहां फैली डेंगू बीमारी को जिम्मेदार बताया है। वर्ष 2006 में मेलबर्न में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में रोड रेस में हेंडर्सन छठे स्थान पर रहे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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