ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेलों के 44 वर्ष के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि ब्रिटिश राजपरिवार को उद्घाटन की उद्घोषणा से महरूम किया जाएगा। पत्र ने भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है।
आमतौर पर राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय करती रहीं हैं लेकिन इस बार वह इसके लिए भारत नहीं जा रही हैं। इसको देखते हुए राजकुमार चार्ल्स को राजपरिवार का प्रतिनिधित्व करने के लिए भारत भेजा रहा है लेकिन इसके बावजूद चार्ल्स दूसरे अन्य अतिविशिष्ठ अतिथियों की तरह उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे।
पत्र लिखता है कि इसे देखते हुए भारत सरकार और राजपरिवार के सरकारी दफ्तर क्लेरेंस हाउस के बीच कूटनीति स्तर पर खींचतान हो सकती है। क्लेरेंस हाउस ने अब भी कहा है कि उद्घाटन का काम चार्ल्स ही करेंगे क्योंकि राष्ट्रमंडल देशों की प्रमुख महारानी का सबसे बड़ा वारिस होने के नाते उनका यह अधिकार बनता है।
महारानी ने व्यस्त कार्यक्रम के कारण भारत जाने से इंकार कर दिया है। ऐसे में चार्ल्स ब्रिटिश राजपरिवार की अगुआई करेंगे। उद्घाटन के विवाद को लेकर अगर चार्ल्स जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आगामी रविवार को होने वाले समारोह में हिस्सा नहीं लेते हैं तो यह 44 वर्ष से चली आ रही एक परंपरा का अंत होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।