हिल्फेनहास ने 28 रन देकर तीन विकेट चटकाए हैं जबकि जॉर्ज ने 15 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए हैं। मिशेल जानसन को भी एक सफलता मिली है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पीयूष चावला (64) और शांताकुमारन श्रीसंत (6) नाबाद लौटे।
अध्यक्ष एकादश ने 90 रन पर ही छह विकेट गंवा दिए थे लेकिन चावला और श्रीसंत ने सातवें विकेट के लिए 53 रन जोड़कर स्थिति को संभालने का काम किया। चावला ने अपनी 73 गेंदों की आकर्षक पारी के दौरान नौ चौके और दो छक्के लगाए।
बोर्ड एकादश ने कप्तान गौतम गंभीर (8), शिखर धवन (17), अंजिक्य रेहाने (0), मोहाली टेस्ट के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल चेतेश्वर पुजारा (9), सौरव तिवारी (15) और वृद्धिमान साहा (14) के विकेट सस्ते में गंवा दिए थे।
इससे पहले, आस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी 505 रन पर सिमट गई। इस टीम ने शेन वॉटसन (115) और साइमन कैटिच (104) की शानदार शतकीय पारियों की बदौलत पहले दिन एक विकेट पर 319 रन बनाए थे। पहले दिन कप्तान रिकी पोंटिंग 42 और उपकप्तान माइकल क्लार्क 43 रन बनाकर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन पोंटिंग अपने कुल योग में बिना कोई रन जोड़े हुए विदा हुए जबकि क्लार्क ने पिछले दिन के अपने स्कोर में एक रन जोड़ा। दोनों के विकेट स्पिनर प्रज्ञान ओझा के खाते में गया। ओझा ने आगे चलकर जॉर्ज (1) का भी विकेट लिया।
दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्कस नॉर्थ का शतक रहा। नार्थ ने 128 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौकों और दो छक्कों की मदद से 124 रनों की बेमिसाल पारी खेली। उनकी पारी और मजबूत हो सकती थी लेकिन वह रिटायर्ड हर्ट हो गए।
नार्थ और विकेटकीपर बल्लेबाज टिम पेन ने चौथे विकेट के लिए उपयोगी 167 रन जोड़े। इसके पहले पोंटिंग और क्लार्क ने दूसरे विकेट के लिए 90 रन जोड़े थे। पेन ने 123 गेंदों पर तीन चौके लगाए। इसके अलावा आस्ट्रेलिया का कोई और बल्लेबाज उपयोगी पारी नहीं खेल सका और पूरी टीम पेवेलियन लौट गई।
ओझा ने तीन विकेट झटके जबकि धवन ने दो सफलता अर्जित की। इसके अलावा श्रीसंत को भी दो विकेट मिले। बल्ले के साथ शानदार योगदान दे रहे चावला ने पहले दिन लम्बी पारी खेलने की तैयारी कर रहे वॉटसन को चलता किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।