विजय और अश्विन विजेता चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी हैं। विजय ने जहां छह मैचों में 49.00 के औसत से 294 रन बटोरे वहीं अश्विन के खाते में 13 विकेट दर्ज हुए। विजय ने तीन अर्धशतक लगाए।
दूसरी ओर अश्विन ने पारी में एक बार चार विकेट झटकते हुए 11.69 के औसत से विकेट झटके। विजय ने फाइनल में 58 रनों की शानदार पारी खेली। इस शानदार प्रदर्शन के लिए विजय को जहां मैन ऑफ द मैच खिताब से नवाजा गया वहीं अश्विन को मैन आफ द सीरीज चुना गया।
गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर मुथैया मुरलीधरन रहे, जो चेन्नई सुपर किंग्स के ही खिलाड़ी हैं। मुरली ने 12 विकेट अपने नाम किए। आठ से अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में औसत के मामले में मुरली (11.00) सबसे बेहतर रहे।
बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर फाइनल खेलने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम वॉरियर्स के कप्तान डी.जे. जैक्ब्स रहे। जैक्ब्स ने छह मैचों में 286 रन बटोरे। शुरुआती मैचों में अपने बल्ले का जलवा दिखाने वाले साउथ आस्ट्रेलिया टीम के कप्तान एम. क्लींगर ने पांच मैचों में 226 रन बटोरे।
भारतीय बल्लेबाजों में सुपर किंग्स के धुरंधर सुरेश रैना भी 200 से अधिक रन बटोरने में सफल रहे। रैना ने छह मैचों में 40.60 के औसत से कुल 203 रन अपने नाम किए। इसके अलावा मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान सचिन तेंदुलकर के बल्ले से 148 रन निकले।
महेंद्र सिंह धौनी विश्व क्रिकेट के पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी में ट्वेंटी-20 क्रिकेट के तीन सबसे बड़े खिताब जीते हैं। सुपर किंग्स के कप्तान के तौर पर धौनी ने जहां अपने नाम आईपीएल-3 और चैम्पियंस लीग का खिताब किया है वहीं 2007 में धौनी की टीम इंडिया ने ट्वेंटी-20 विश्व कप भी जीता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।