सेमेन्या काफी समय से पीठ में दर्द की शिकायत से परेशान हैं। वह इस चोट से पूरी तरह उबर नहीं सकी हैं। चोट के बावजूद सेमेन्या ने पिछली कुछ रेसों में हिस्सा लिया था लेकिन उनका प्रदर्शन ठीक नहीं रहा था।
दक्षिण अफ्रीकी दल के मुख्य चिकित्सका अधिकारी शुएैब मान्जरा ने कहा है कि जोहांसबर्ग में मंगलवार को सेमेन्या का एमआरआई स्कैन किया गया, जिसमें उनके चोटिल होने की पुष्टि हुई है।
इससे पहले, 800 मीटर के विश्व चैम्पियन दक्षिण अफ्रीका के मुलाएनी मुलाउद्जी ने मंगलवार को चोट के कारण अपना नाम वापस ले लिया था।
साउथ अफ्रीका स्पोर्ट्स कन्फेडरेशन एंड ओलंपिक कमिटी (एसएएससीओसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टुबी रेड्डी ने मंगलवार को कहा था कि किसी भी खिलाड़ी को नई दिल्ली नहीं जाने की इजाजत नहीं मिलेगी।
रेड्डी ने कहा था कि जो खिलाड़ी चोटिल होने का दावा कर रहे हैं, उनकी स्थिति की जांच की जाएगी। इसी सिलसिले में सेमेन्या का एमआरआई स्कैन किया गया।
3 से 14 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों से अब तक कई नामी-गिरामी एथलीट अपना नाम वापस ले चुके हैं। भारत नहीं आने वाले खिलाड़ियों में बीजिंग ओलम्पिक में विश्व रिकार्ड के साथ तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले जमैका के फर्राटा एथलीट उसैन बोल्ट और पूर्व विश्व चैम्पियन फर्राटा धावक आसफा पावेल भी शामिल हैं।
इसके अलावा 1500 मीटर स्पर्धा में ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता केन्या के एस्बेल किरोप और 10000 मीटर दौड़ के विश्व चैम्पियन लिनेट मासाई भी शामिल हैं।
साथ ही आस्ट्रेलियाई ओलम्पिक तैराकी चैम्पियन स्टेफाने राइस भी भारत नहीं आने की घोषणा कर चुकी हैं। राइस ओलम्पिक में कई स्वर्ण जीत चुकी हैं और 400 मीटर स्पर्धा का विश्व कीर्तिमान उनके नाम ही दर्ज है।
टेनिस जगत की बात की जाए तो विश्व के पूर्व सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आस्ट्रेलिया के लेटन हेविट तथा महिला खिलाड़ी समांथा स्टोसुर भारत नहीं आएंगी।
टेनिस प्रेमियों को जब यह पता चला कि राष्ट्रमंडल खेलों में विश्व के चौथे वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एंडी मरे और 18वें वरीयता प्राप्त साइप्रस के मार्कस बघदातिस भी हिस्सा नहीं लेंगे तब उन्हें और निराशा हुई।
इन सबके अलावा ओलम्पिक में कई स्वर्ण जीत चुके ब्रिटेन के अग्रणी साइकिल चालक क्रिस होए ने यूरोपीयन चैम्पियनशिप और 2012 लंदन ओलम्पिक की तैयारियों के मद्देनजर नई दिल्ली नहीं आने की घोषणा की थी।
महिला फर्राटा धावकों में जमैका की शैली एन्न फ्रेजर भी भारत नहीं आने की घोषणा कर चुकी हैं। फ्रेजर ने बीजिंग ओलम्पिक में 100 मीटर फर्राटा दौड़ जीती थी।
फ्रेजर और सेमेन्या भारत की महिला एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उन्हें करीब से दौड़ता देखकर भारतीय एथलीटों को काफी कुछ सीखने को मिल सकता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।