अली ने कहा कि सख्त अनुशासन से ही खिलाड़ियों पर नियंत्रण रखा जा सकता है।
स्थानीय समाचार पत्र 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक अली ने कहा, "टीम को एक हिटलर जैसे प्रबंधक की जरूरत है। प्रबंधक को बेहद सख्त होना चाहिए और वह किसी खिलाड़ी का पक्ष लेने वाला नहीं होना चाहिए। जिस प्रबंधक में यह गुण हों वही इस टीम को अंतर्राष्ट्रीय दौरों में नियंत्रण में रख सकता है।"
अली का मानना है कि यदि टीम प्रबंधक ने अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया होता तो इंग्लैड के दौरे के समय स्पॉट फिक्सिंग के मामले से बचा जा सकता था।
"सब जानते हैं कि शाहिद अफरीदी ने प्रबंधक को कई सप्ताह पहले मजहर मजीद की गतिविधियों को लेकर सचेत किया था।"
इस दौरे में टीम के प्रबंधक रहे याविर सईद ने भविष्य में इस पद को लेने और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में शामिल होने से इंकार कर दिया है। पाकिस्तान टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए प्रबंधक के नाम की घोषणा अभी नहीं हुई है।
अली ने कहा, "बोर्ड सक्षम व्यक्ति को टीम के प्रबंधक के पद पर नियुक्त करे जो कि टीम को ठीक तरह से नियंत्रण में रख सके और इस तरह की घटनाओं से बचा सके।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।