लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के खाते में अभी 17 रन ही जुड़े थे कि सहवाग बेन हिल्फेनहॉस की गेंद पर विकेट के पीछे लपक लिए गए। सहवाग महज सात रन बना सके। इसके बाद मुरली विजय और युवा बल्लेबाज पुजारा ने पारी को आगे बढ़ाया। दोनों भोजनकाल तक बिनो कोई जोखिम मोल लिए 56 रनों की साझेदारी की।
आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम अपनी दूसरी पारी में महज 223 रनों पर सिमट गई। चौथे दिन का खेल खत्म होने पर आस्ट्रेलिया ने सात विकेट खोकर 202 रन बनाए थे। पांचवें दिन का खेल शुरू होने के कुछ देर बाद ही मिशेल जानसन को जहीर खान बोल्ड कर दिया। इसके बाद हिल्फेनहॉस को एस. श्रीसंत ने पेवेलियन की राह दिखाई। जहीर ने पीटर जॉर्ज को अपना तीसरा शिकार बनाया और पूरी मेहमान टीम 223 रनों पर ढेर हो गई।
आस्ट्रेलिया के लिए दूसरे दिन ही उस समय ही मुश्किल खड़ी हो गई थी जब उसके साथ सात बल्लेबाज पेवेलियन लौट गए थे। कप्तान रिकी पोंटिंग को छोड़ कोई दूसरा बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका। पोटिंग ने 72 रनों की जुझारू पारी खेली। भारत की ओर से जहीर और प्रज्ञान ओझा ने तीन-तीन विकेट चटकाए। हरभजन सिंह और श्रीसंत ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के शानदार दोहरे शतक की बदौलत भारतीय टीम ने पहली पारी में 495 रन बनाए। इस तरह से भारत ने पहली पारी के आधार पर 17 रनों की बढ़त हासिल की। भारत की पहली पारी के दौरान आस्ट्रेलिया की ओर से मिशेल जानसन ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए। उनके अलावा पीटर जॉर्ज और नाथन हॉरिट्ज ने दो-दो विकेट लिए।
सचिन ने 363 गेंदों का सामना करते हुए 22 चौकों और दो छक्कों की मदद से 214 रन बनाए। टेस्ट करियर में सचिन का यह छठा दोहरा शतक है। उनके अलावा भारत की ओर से वीरेंद्र सहवाग ने ही छह बार दो सौ से अधिक का आकड़ा पार किया है आस्ट्रेलिया के खिलाफ सचिन ने दूसरी बार दोहरा शतक लगाया है।
मैच के तीसरे दिन ही सचिन ने हॉरिट्ज की गेंद पर छक्का लगाकर अपने टेस्ट करियर का 49वां शतक पूरा किया था। मास्टर ब्लास्टर ने यहीं टेस्ट मैचों में अपने 14,000 रन भी पूरे किए। श्रंखला में 0-1 से पीछे चल रही आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने पहली पारी में 478 रन बनाए थे। मेहमान टीम की ओर से मार्कस नॉर्थ ने 128, कप्तान रिकी पोंटिंग ने 77 और सलामी बल्लेबाज ने 57 रनों की पारी खेली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।