नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन गुरुवार को न्यूजीलैंड की हॉकी टीम ने इंग्लैंड को पेनेल्टी शूटआउट तक खिंचे मुकाबले में 5-3 से हराकर पुरुष हॉकी स्पर्धा का कांस्य पदक जीत लिया।
इंग्लैंड को लगातार दूसरी बार पेनाल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा है। पहली बार उसे भारत के हाथों सेमीफाइनल में हार मिली थी। इंग्लैंड की टीम जीत की हकदार थी क्योंकि पिछले मैच में भारत की तरह उसने 1-3 से पिछड़ रहे होने के बाद शानदार वापसी कर स्कोर 3-3 से बराबर किया था। इसके बाद खेल अतिरिक्त समय में चला गया, जहां दोनों में से कोई टीम गोल्डन गोल नहीं कर सकीं।
इस मैच की पटकथा बिल्कुल भारत-इंग्लैंड मुकाबले की तरह लिखी गई। उस मैच में भी भारत ने 1-3 से पिछड़ रहे होने के बाद मध्यांतर के बाद 3-3 से बराबर की थी और फिर पेनाल्टी शूटआउट के जरिए जीत हासिल कर पहली बार फाइनल में स्थान पक्का किया था।
कीवी टीम ने आठवें मिनट में अपना खाता खोला था। यह गोल डीन कीजियंस ने किया था। इसके बाद 15वें मिनट में निक हेग ने अपनी टीम को 2-0 से आगे कर दिया था। 25वें मिनट में इंग्लैंड ने वापसी की और साइमन मेन्टाल की मदद से अपना पहला गोल किया। स्कोर 2-1 हो चुका था। कीवी टीम से इंग्लैंड की यह तरक्की देखी नहीं गई और उसने 37वें मिनट में एक और गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। यह गोल हेडन शॉ ने किया।
इंग्लैंड की टीम निराश हो चुकी थी लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने हमला जारी रखा। इसका फायदा उठाकर उसने 57वें मिनट में दूसरा गोल किया। स्कोर 3-2 हो चुका था। यह गोल रिचर्ड रिचर्ड मेन्टाल ने किया।
इसके बाद इंग्लैंड टीम ने अपने हमलों में तेजी लाई और 61वें मिनट में बराबरी का गोल किया। स्कोर 3-3 हो चुका था। इंग्लैंड के लिए यह गोल साइमन मेन्टाल ने किया। इसी स्कोर के साथ निर्धारित समय का खेल समाप्त हुआ। खेल अतिरिक्त समय में खिंचा जहां कोई टीम गोल नहीं कर सकी। इसके बाद मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट के जरिए होना था। पेनाल्टी शूटआउट में कीवी टीम ने 5-3 से बाजी मार ली।
कीवी टीम के लिए डीन कोजियंस, कप्तान फिल बॉरोस, हेडन शॉ, शिया मैक्लीस और एंड्रयू हेवार्ड ने गोल किए जबकि इंग्लैंड की ओर से डिक्सन गोल नहीं कर सके। इंग्लैंड ने कुल चार प्रयास किए और हथियार डाल दिए। इस तरह यूरोपीयन चैम्पियन को कांस्य पदक से भी महरूम होना पड़ा। कीवी टीम ने पहली बार हॉकी का कांस्य जीता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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