हटम ने रेडियो न्यूजीलैंड से बातचीत के दौरान कहा कि 2018 की मेजबानी हासिल करने के प्रयास में इंग्लैंड का समर्थन करने को लेकर किसी प्रकार का फैसला नहीं हो सका है।
2018 की मेजबानी के लिए एक तरफ जहां इंग्लैंड अकेले दम पर दावा पेश कर चुका है वहीं उसकी प्रतिस्पर्धा रूस के अलावा संयुक्त दावेदार स्पेन-पुर्तगाल और बेल्जियम-नीदरलैंड के साथ है।
2022 विश्व कप की मेजबानी को लेकर अमेरिका भी गंभीर है और यही कारण है कि उसने 2018 में दावेदारी पेश नहीं करने का फैसला किया है। आस्ट्रेलिया और अमेरिका के अलावा 2022 के लिए कतर, जापान तथा दक्षिण कोरिया दावेदारी पेश करने वाले हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।