नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में ओलंपिक मशाल कार्यक्रम को लेकर उठे विवादों और विरोधों को दरकिनार करते हुए मशाल थामने वालों ने पूरे जोश के साथ इस दौड़ में भाग लेने की बात कही है। नई दिल्ली में गुरुवार को मशाल दौड़ का कार्यक्रम आोयजित किया गया है।
निशानेबाज मानवजीत सिंह संधू और अभिनव बिंद्रा ने कहा है कि ओलंपिक का आयोजन शांति का प्रतीक है और इसे तिब्बत के प्रति चीन की नीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। ओलंपिक मशाल इस्लामाबाद से आज देर रात दिल्ली पहुंचेगी।
गौरतलब है कि लंदन और पेरिस में तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने ओलंपिक मशाल दौर में बाधा पहुंचाने की कोशिश की थी। निशानेबाज संधू ने कहा, "खेल को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। ओलंपिक शांति के अभियान से जुड़ा हुआ है और इसे शांति के साथ ही जोड़कर देखना चाहिए।"
मशाल को थामने को लेकर उन्होंने कहा, "ओलंपिक मशाल को थामना मेरे लिए गर्व का क्षण होगा।" बिंद्रा ने कहा कि गुरुवार को जब वह ओलंपिक मशाल को थामेंगे तो उनकी जिंदगी का एक बड़ा सपना पूरा होगा।
बिद्रा ने कहा, "मैं ओलंपिक आयोजन के लगातार हो रहे विरोधों को मुद्दा नहीं मानता। ओलंपिक मशाल को थामने को लेकर मुझे गर्व है।"
सरोद वादक अयान अली बंगाश भी गुरुवार को ओलंपिक मशाल को थामेंगे। उन्होंने कहा कि तिब्बतियों के विरोध किए जाने से उन्हें कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने कहा, "हर किसी को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। लोकतांत्रिक देश होने के कारण लोगों को विरोध और प्रदर्शनों के जरिए भावनाओं को व्यक्त करने की स्वतंत्रता है।"
गौरतलब है कि फुटबाल खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया ने तिब्बत के प्रति समर्थन जाहिर करते हुए ओलंपिक मशाल थामने से इंकार कर दिया था। वहीं दूसरी ओर आज मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी चोटिल होने के कारण मशाल थामने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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