नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। ओलंपिक मशाल दौड़ नई दिल्ली में आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच आयोजित मशाल दौड़ में खेल और अन्य क्षेत्र के 70 दिग्गज हस्तियों ने हिस्सा लिया।
तिब्बती प्रदर्शनकारियों के संभावित विरोध के मद्देनजर राजपथ के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अर्धसैनिक बलों के जवान बड़ी तदाद में पूरे इलाके में तैनात किए गए थे।
चीन के ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष लू जियांग ने ओलंपिक मशाल को रवाना किया। मशाल को थामने वालों में खेल जगत की कई नामी हस्तियां शामिल थी। मशाल को थामने वालों में पी. टी. उषा, शाईनी विल्सन, असलम शेर खान, जाफर इकबाल, धनराज पिल्ले, अभिनव बिंद्रा आदि शामिल थे।
फिल्म जगत से भी कई नामी सितारों ने मशाल को थामा जिसमें आमिर खान, सैफ अली खान शामिल थे। सुरक्षा कारणों से दौड़ के मार्ग में कमी की गई। नौ किलोमीटर के मार्ग को घटाकर 2.3 किलोमीटर कर दिया गया था।
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, उप राज्यपाल तेजेन्द्र खन्ना, भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी, खेल मंत्री एम.एस. गिल और चीनी राजदूत जांग यान शामिल थे।
इससे पहले ओलंपिक मशाल दौड़ के समानांतर तिब्बतियों ने आज राजघाट से जंतर मंतर तक मशाल दौड़ निकाली। तिब्बतियों के इस मशाल दौड़ में लगभग पांच हजार लोगों ने हिस्सा लिया। मुख्य ओलंपिक मशाल दौड़ के शुरू होने से ठीक पहले तिब्बतियों की मशाल दौड़ खत्म हुई।
राजघाट से सुबह 11 बजे शुरू हुई मशाल दौड़ जंतर मंतर पर दोपहर एक बजकर 35 मिनट पर पहुंची। तिब्बतियों ने 'हू जिंताओ मुर्दाबाद' और 'तिब्बत को मुक्त करो' के नारे लगाए।
ओलंपिक मशाल के इस्लामाबाद से नई दिल्ली पहुंचने के कुछ ही देर बाद आज तड़के राजधानी में दो अलग-अलग हिस्सों में 40 से अधिक तिब्बती प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
दक्षिण दिल्ली के धौला कुआं इलाके में तड़के ढाई बजे यातायात रोकने की कोशिश कर रहे 30 तिब्बतियों को हिरासत में लिया गया। गौरतलब है कि उस समय भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हवाई अड्डे से ओलंपिक मशाल को लाया जा रहा था।
इसके एक घंटे बाद ही ली मेरेडियन होटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे 10 तिब्बतियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।