नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। एशिया के व्यवसायिक घराने आज जब विदेशी फुटबाल क्लबों की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं तो ऐसे में इंग्लिश प्रीमियर लीग की नजर भारत के प्रतिभा संपन्न फुटबाल खिलाड़ियों की ओर है। इनमें से कुछ क्लबों ने तो भारतीय प्रतिभाओं की तलाश भी शुरू कर दी है।
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। एशिया के व्यवसायिक घराने आज जब विदेशी फुटबाल क्लबों की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं तो ऐसे में इंग्लिश प्रीमियर लीग की नजर भारत के प्रतिभा संपन्न फुटबाल खिलाड़ियों की ओर है। इनमें से कुछ क्लबों ने तो भारतीय प्रतिभाओं की तलाश भी शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि बायर्न म्यूनिख ने हाल ही में कोलकाता में फुटबाल अकादमी स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाई थी। अब इंग्लिश प्रीमियर लीग की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शुमार आर्सेनल ने भी भारतीय खिलाड़ियों में दिलचस्पी दिखाई है। वह भारत को भविष्य की फुटबाल प्रतिभा के केंद्र के रूप में देख रही है।
आर्सेनल के कोच पॉल शिपराइट और मार्टिन डेविस पिछले तीन सप्ताह से भारत में प्रतिभाओं की तलाश में जुटे थे। दोनों कोच भारतीय फुटबाल की उभरती प्रतिभाओं को देखकर खासे प्रसन्न हुए।
शिपराइट ने आईएएनएस को बताया, "अंडर-15 आयुवर्ग के 16 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन करने में काफी परेशानी हुई। तीस प्रतिभावान खिलाड़ियों में से हमें 16 का चयन करना था। मुझे लगता है जिनका चयन नहीं हो पाया उन्हें चयनित खिलाड़ियों से थोड़ा भी कमतर नहीं आंका जा सकता।"
चयन के बाद इन खिलाड़ियों को एक महीने को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसके बाद इन खिलाड़ियों को लंदन में होने वाले आर्सेनल अंतर्राष्ट्रीय फुटबाल फेस्टिवल में खेलने का मौका मिलेगा।
भारतीय कोचों को प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत के संबंध में पूछे जाने पर शिपराइट ने कहा कि इस बारे में बातचीत चल रही है। निकट भविष्य में हम यहां एक कैम्प लगाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।