वीरधवल ने मंगलवार को आयोजित हीट में 24.56 सेकेंड समय के साथ पहला स्थान हासिल किया था। इसी दिन आयोजित फाइनल में वीरधवल ने 24.31 सेकेंड समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
पहले स्थान पर चीन के जियावेई झोउ रहे। झोउ ने 23.66 सेकेंड समय में यह दूरी नापी। इस स्पर्धा का रजत जापान के मासायुकी किसिदा को मिला। किसिदा ने यह दूरी 24.13 सेकेंड में नापी।
वीरधवल सोमवार को भी कांस्य पदक जीत सकते थे लेकिन वह 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 0.03 सेकेंड के अंतर से चूक गए थे।
वीरधवल से पहले खजान सिंह ने 1986 के सियोल एशियाई खेलों की 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में रजत पदक जीता था।
एशियाई खेलों की तैराकी स्पर्धा में भारत को अब तक सिर्फ एक स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। 1951 में नई दिल्ली में आयोजित इन खेलों के पहले संस्करण में सचिन नाग ने 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया था।
वीरधवल को इस शानदार उपलब्धि की महत्ता का अहसास है। उन्होंने पदक जीतने के बाद कहा, "24 वर्ष बाद देश के लिए पदक जीतकर सुखद अहसास हो रहा है। सोमवार को कांस्य से चूकने के बाद मैं हर हाल में पदक जीतना चाहता था।"
"रजत या स्वर्ण जीतने की स्थिति में मुझे अपार खुशी होती लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। मेरे लिए शुरुआत में दिक्कत होती है। आने वाले दिनों में मैं इस दिशा में काम करुं गा।"
बटरफ्लाई वर्ग में भारत के एक अन्य तैराक अंशुल कोठारी ने 26.08 सेकेंड समय लिया लेकिन वह फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके।
पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में रेहान पोंचा ने 59.38 सेकेंड समय के साथ छठा और बद्रीनाथ मल्कोते ने 56.62 सेकेंड समय के साथ सातवां स्थान हासिल किया।
4 गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम को हीट में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.71 सेकेंड समय लिया। भारतीय टीम में अेंजेल डिसूजा, अर्जुन जयप्रकाश, अंशुल कोठारी और वीरधवल शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।