भारत की कीवी टीम पर अब तक की यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले टीम इंडिया ने मेहमान टीम को 1956 में चेन्नई में एक पारी और 109 रनों से पराजित किया था। भारत के टेस्ट इतिहास में यह तीसरी सबसे बड़ी जीत है।
भारत ने तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला 1-0 से जीती। अहमदाबाद और हैदराबाद में खेले गए पिछले दोनों मुकाबले बराबरी पर छूटे थे। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को मैन ऑफ द सीरीज जबकि राहुल द्रविड़ को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
मैच के चौथे दिन मंगलवार को भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 175 रनों पर समेट दी। मैच के तीसरे दिन भारत ने आठ विकेट पर 566 रनों पर अपनी पहली पारी घोषित करके 373 रनों की बढ़त हासिल की थी। कीवी टीम ने पहली पारी में 193 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड की दूसरी पारी भोजनकाल के कुछ देर बाद सिमट गई और श्रृंखला टीम इंडिया के नाम हो गई।
भारत की ओर से हरभजन ने 56 रन पर तीन विकेट, ईशांत शर्मा ने 15 रन पर तीन विकेट जबकि प्रज्ञान ओझा 67 रन पर दो विकेट और सुरेश रैना ने एक रन पर दो विकेट झटके।
तीसरे दिन के अपने स्कोर एक विकेट पर 24 रन से आगे खेलते हुए कीवी टीम ने चौथे दिन मंगलवार को सुबह के दो घंटे के सत्र में 116 रन जोड़कर अपने सात विकेट खो दिए जबकि भोजनकाल के बाद टीम ने बाकी के सभी विकेट गंवा दिए।
भारत की ओर से दिन की पहली सफलता प्रज्ञान ओझा ने दिलाई जब उन्होंने ब्रैंडन मैक्लम को 25 रनों के स्कोर पर पगबाधा आउट किया। मैक्लम ने 38 गेंदों का सामना किया जिसमें चार चौके शामिल थे।
मैक्लम के पेवेलियन जाने के बाद गुपटिल भी बिना खाता खोले ओझा के शिकार हो गए। इसके बाद गारेथ हॉपकिंस और रॉस टेलर को हरभजन सिह ने पेवेलियन भेजा। हॉपकिंस ने आठ रन बनाए जबकि टेलर ने चार चौके की मदद से 29 रन बनाए।
तेज गेंदबाज ईशांत ने केन विलियमसन (8), टिम साउदी (31) और क्रिस मार्टिन (0) को पेवेलियन भेजा। सुरेश रैना ने जेसी राइडर (22) और डेनियल विटोरी को (13) रनों पर पेवेलियन की राह दिखाई।
अपनी पहली पारी में भारत की ओर से राहुल द्रविड़ (191), कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (98), गौतम गंभीर 78 और वीरेंद्र सहवाग ने 74 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।